Rajasthan News: राजस्थान के सीकर की 20 वर्षीय नीट छात्रा, जो कम अंक आने के डर से 25 जुलाई को बिना बताए घर छोड़कर चली गई थी, को करीब एक महीने बाद 27 अगस्त को अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में पुलिस ने ढूंढ निकाला और परिजनों को सौंप दिया। इस दौरान छात्रा के पिता, जो सेना में अधिकारी हैं और लेह में तैनात हैं, ने सीकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे और अपनी बेटी की तलाश के लिए मीडिया के माध्यम से गुहार लगाई थी।

जानकारी के अनुसार, छात्रा ने नीट परीक्षा में कम अंक प्राप्त किए थे, लेकिन डर के कारण उसने परिजनों को बताया कि उसके अंक अच्छे आए हैं। जब काउंसलिंग का समय नजदीक आया, तो उसे डर सताने लगा कि उसका झूठ पकड़ा जाएगा। इस डर से उसने घर छोड़ने का फैसला किया। वह ट्रेन से पहले रेवाड़ी, फिर दिल्ली, हरिद्वार, पठानकोट और अंत में अमृतसर पहुंची।
अमृतसर में छात्रा ने स्वर्ण मंदिर के लंगर में सेवा करके अपना पेट भरा और रात को वहीं रुकी। हरिद्वार में भी उसने तिलक लगाने का काम कर गुजारा किया। 27 अगस्त को उसने किसी से मोबाइल मांगकर अपने पिता को फोन किया। पिता की सूचना पर सीकर पुलिस ने मोबाइल नंबर ट्रेस कर उसकी लोकेशन का पता लगाया और उसे अमृतसर से बरामद कर परिजनों को सौंप दिया।
सीकर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी) गजेंद्र सिंह जोधा ने बताया कि उद्योग नगर थाना क्षेत्र में छात्रा की गुमशुदगी का मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित की थीं। गहन जांच और मोबाइल ट्रेसिंग के आधार पर 27 अगस्त को छात्रा को अमृतसर से बरामद किया गया।
एडिशनल एसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि छात्रा ने नीट परीक्षा में कम अंक आने के कारण डर से परिजनों को गलत जानकारी दी थी। काउंसलिंग के समय सच्चाई सामने आने के डर से वह घर छोड़कर चली गई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे सुरक्षित बरामद कर लिया और परिजनों के हवाले कर दिया।
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