Rajasthan News: राजस्थान सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य योजनाओं में चल रही अनियमितताओं पर सख्त रुख अपनाया है. मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से मिले निर्देशों के बाद 124 डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है. जांच में इन कर्मचारियों की भूमिका साफ हो चुकी है और इन्हें सेवा से हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है.

ये सभी सरकारी कर्मचारी राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में वित्तीय गड़बड़ियों, पेंशनभोगियों और कर्मचारियों को गलत लाभ दिलाने जैसे मामलों में शामिल पाए गए. विभागीय जांच में लगातार नए तथ्य सामने आए हैं और कुछ दोषियों को पिछले दिनों निलंबित भी किया गया है.
पिछले हफ्ते तीन से चार अस्पताल चिह्नित किए गए जो RGHS में शामिल ही नहीं थे, फिर भी फर्जी बोर्ड लगाकर योजना का लाभ ले रहे थे. इन अस्पतालों ने झूठे दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों रुपये के बिल उठाए. इसी तरह कई मेडिकल स्टोर्स पर भी बड़ी कार्रवाई शुरू है. गलत बिल बनाकर योजना से पैसा लेने वालों पर भारी पेनल्टी लगाई जा रही है और करोड़ों की रिकवरी की प्रक्रिया चल रही है.
मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने चिकित्सा विभाग में हो रही गड़बड़ियों को गंभीर बताते हुए विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. उन्होंने साफ कहा कि लापरवाही और भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा.
प्रदेश के करीब 5 हजार मेडिकल स्टोर्स की जांच जारी है. इन सभी के पेमेंट रोक दिए गए हैं और जिन डॉक्टरों की संलिप्तता पाई गई है, उन पर सख्त कार्रवाई होगी.
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