Rajasthan News: इस साल हेल्थ सुविधाएं होंगी आधुनिक: जयपुर। नया साल 2026 में प्रदेशवासियों को हाईटेक चिकित्सा सुविधा की सौगात मिलने जा रही है। आईटी, एआई, साइंन्टिफिक टैक्नोलॉजी से इलाज की सहूलियतें जमीनी स्तर पर लागू होंगी।

आभा आईडी बनाकर पूरी आबादी को जोड़ने का काम कुछ माह में पूरा हो जाएगा। इसके बाद हर व्यक्ति की मेडिकल हिस्ट्री ऑनलाइन रहेगी। जनाधार कॉर्ड की तरह जनरेट होने वाले आईडी नंबर से उसकी सारी मेडिकल हिस्ट्री ऑनलाइन ही खुल जाएगी। अस्पताल में डॉक्टर को दिखाते वक्त बनने वाली पर्ची, जांच रिपोर्ट, बीमारियों का सारा डेटा यहां मौजूद रहेगा। इससे मरीज को पुरानी पर्चियां संभाल कर रखने और अस्पताल लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अस्पताल इन्हें आईडी पर अपलोड करेंगे।
डॉक्टर ऑनलाइन मेडिकल हिस्ट्री चेक कर लेंगे। चिप से तीन साल तक गर्भधारण नहीं होगाः परिवार नियोजन को महिलाओं को कॉपर टी, नसबंदी, ऑपरेशन या गोलियां इत्यादि की जरुरत नहीं पड़ेगी। एक चार सेंटीमीटर लंबी और दो मिलीमीटर चौड़ी मेडिकल इम्पेलेनोन चिप महिला के बाजू में त्वचा के नीचे इंजेक्ट कर दी जाएगी। इटेनोजेस्ट्राल दवा की यह चिप महिला के शरीर में प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन स्रावित करेगी, इससे अंडकोष में अंडे नहीं बनेंगे और गर्भ नहीं ठहरेगा।
तीन साल तक यह असरकारक रहेगी। जरुरत पर महिलाएं इसे हटाकर गर्भधारण भी कर सकेंगी। परिवार नियोजन कार्यक्रम में अस्पताल में यह चिप निशुल्क रूप से महिलाओं के लगाई जाएगी। इसका ट्रायल राजस्थान में बीते साल जयपुर के महिला चिकित्सालय में शुरू हो भी चुका है, अब तक करीब 10 हजार महिलाओं को इसे लगाया भी जा चुका है।
प्रदेशभर में हो सकेगी रोबोट से सर्जरी
प्रदेश में टेली रोबोटिक सर्जरी अब सौ फीसदी सक्सेस रेट के साथ ऑपरेशन करने की ओर है। आगामी कुछ माह में प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी से एसएमएस मेडिकल कॉलेज के बेहतरीन डॉक्टर यहीं से प्रदेश के अन्य अस्पतालों में रोबोट से सर्जरी कर सकेंगे। अभी एसएमएस अस्पताल में दो, जोधपुर मेडिकल कॉलेज में एक रोबोट है। अजमेर, बीकानेर, उदयपुर में खरीदें जा रहे हैं। जयपुर में बनने वाले आधुनिक कमांड सेंटर से डॉक्टर इन अस्पतालों में रोबोट से बड़े ऑपरेशन करेंगे।
भ्रूण की जांच से बीमारियां पता चल जाएंगी
जेके लोन अस्पताल में डिपार्टमेंट ऑफ मेडिकल जेनेटिक्स खुल चुका है। यहां गर्भ में ही भ्रूण की जांच और बीमारियों का पता करने की सुविधा तेजी से विकसित हो रही है। भविष्य की बीमारियों का पता गर्भ में ही चल जाएगा। भ्रूण की जांच 10-14 सप्ताह में महिला चिकित्सालय में फीटल मेडिसिन डिवीजन के जरिये कराई जा सकेगी। इसके लिए यहां करीब एक करोड़ की लागत से एडवांस सोनोग्राफी मशीन लगेगी। गंभीर जेनेटिक्स बीमारियों का इलाज जेके लोन में होगा। लाइलाज बीमारी होने पर भ्रूण को एबॉर्ट कराया जा सकेगा।
पोर्टेबिलिटी स्कीम से देशभर में निशुल्क इलाज
सीएम आयुष्मान आरोग्य योजना में अभी प्रदेश में ही निशुल्क इलाज की सुविधा थी। अब स्कीम में पोर्टेबिलिटी लागू हो गई है। प्रदेश के स्कीम में बीमित परिवार अब देशभर के 30 हजार अस्पतालों में निशुल्क इलाज ले सकेंगे। योजना को पीएम जन आरोग्य योजना से इंटीग्रेट कर दिया गया है।
गर्भवती के खून की कमी एक इंजेक्शन से पूरी होगी
30 फीसदी प्रग्नेंट महिलाओं में खून की कमी यानी एनिमिया होता है। प्रसव के दौरान इससे कई बार प्रसूता की जान चली जाती है। नवजात भी अस्वस्थ्य पैदा होता है। अब एफसीएम इंजेक्शन की एक ही डोज गर्भवती महिला में खून की कमी को दूर कर देगी। इसकी शुरूआत हो चुकी है। इस साल सेवाओं का विस्तार होने के बाद सरकारी स्तर पर सभी अस्पतालों में इसकी उपलब्धता होगी।
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