Rajasthan News: राजस्थान हाईकोर्ट ने अदालती आदेश के बावजूद विश्वविद्यालय कर्मचारी को बकाया भुगतान नहीं करने पर नाराजगी जताई है। इसके साथ ही अदालत ने कहा है कि आगामी सुनवाई तक अदालती आदेश की पालना की जाए। ऐसा नहीं करने पर अदालत ने विवि के कुलगुरु को व्यक्तिगत या वीसी के जरिए 29 जनवरी को अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं।

अदालत ने रजिस्ट्रार न्यायिक को कहा है कि वह आदेश की प्रति वीसी कार्यालय में तत्काल भेजे, ताकि आदेश की पालना सुनिश्चित की जा सके। जस्टिस सुदेश बंसल और जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ ने यह आदेश राजकुमार वर्मा की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने पेश होकर अदालत को बताया कि उसकी ओर से अपनी सेवा के नियमितीकरण और उससे जुडे लाभ के लिए याचिका दायर की थी। जिसके एकलपीठ ने 26 नवंबर, 2021 को स्वीकार करते हुए याचिकाकर्ता को नियमित करने को कहा था। इस आदेश के खिलाफ विवि प्रशासन ने खंडपीठ में अपील दायर की थी।
खंडपीठ ने 28 मार्च, 2022 को अपील का निस्तारण करते हुए कहा था कि याचिकाकर्ता की सेवा को उस दिन से नियमित माना जाए, जिस तिथि से उससे कनिष्ठ कर्मचारियों को नियमित किया गया था। अवमानना याचिका में कहा गया कि खंडपीठ के आदेश की पालना में विवि ने उसकी सेवा को नियमित कर दिया, लेकिन संपूर्ण वित्तीय लाभ और बकाया राशि का भुगतान नहीं किया।
पढ़ें ये खबरें
- Poppy Seeds Halwa : सर्दियों में खायें गरमा-गरम स्वादिष्ट खसखस का हलवा, जानें घर पर बनाने की आसान रेसिपी
- ठंड में आप भी खा रहे हैं तिल, मेथी, गोंद और अलसी के लड्डू, खाने से पहले ध्यान रखें ये बातें
- दलित महिला की हत्या के मामले में मायावती का बयान आया सामने, कहा- इस क्रूर और शर्मनाक घटना की जितनी भर्त्सना की जाए वह कम है, शासन प्रशासन को…
- ‘कहीं और रहने की नौबत आए तो MP में आकर रहेंगे’, किसान सम्मेलन में शामिल हुआ तमिलनाडु का यह शख्स, सीएम डॉ मोहन की पहल को सराहा
- सुसाइड, सवाल और सियासत! किसान की आत्महत्या पर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर साधा निशाना, कहा- ये शासन के माथे पर कलंक

