Rajasthan News: राज्य सरकार प्रदेश भर में पंचायतों के चुनाव एक साथ कराने की तैयारी करने में जुट गई है। इसके लिए जयपुर-जोधपुर सहित प्रदेश के 12 जिलों में जिला परिषद और पंचायत समितियों के बोर्ड समय से पहले भंग करने की कवायद की जा रही है। राज्य चुनाव आयोग ने हाल ही में पत्र लिखकर सरकार से इन जिलों के बारे में स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा था।
इस पत्र के बाद सरकार संबंधित जिलों से जुड़े सरपंचों व जनप्रतिनिधियों से वन स्टेट वन इलेक्शन को लेकर चर्चा कर चुकी है। अगर वार्ता सफल रही ती जिन जिला परिषदों और पंचायत समितियों का कार्यकाल अभी बाकी है, उसे समाप्त कर एक साथ चुनाव कराए जा सकते हैं।

इन जिलों में फंसा पेंच
फिलहाल वन स्टेट वन इलेक्शन के लिए सबसे बड़ी अड़चन 12 जिलों (नाए जिलों को छोड़कर) की 12 जिला परिषद और करीब 135 पंचायत समितियां हैं, जिनका कार्यकाल बचा हुआ है। जानकारी के अनुसार इस साल भरतपुर, दौसा, जयपुर, जोधपुर, सवाईमाधोपुर और सिरोही में अगस्त-सितम्बर में कार्यकाल समाप्त होगा। अलवर और धौलपुर में अक्टूबर तथा बारां, करौली, कोटा और श्रीगंगानगर में नवंबर-दिसम्बर में कार्यकाल पूरा होगा। वहीं जिन 21 जिलों (पुराने) में कार्यकाल पूरा हो चुका है। इनमें जैसलमेर, उदयपुर, बाड़मेर, अजमेर, पाली, भीलवाड़ा, राजसमंद, नागौर, बांसवाड़ा, बीकानेर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, चूरू डूंगरपुर, हनुमानगढ़, जालौर, झालावाड़, झुंझुंन्, प्रतापगढ़, सीकर, टोंक की करीब 222 पंचायत समितियों का कार्यकाल पूरा हो चुका है।
वन स्टेट वन इलेक्शन के लिए करने होंगे ये दोकाम
फॉर्मला लागू करने के लिए सबसे पहले 12 जिलों की जिला परिषद और पंचायत समितियों के चुनाव कार्यकाल समाप्ति से पहले कराने होंगे। सरकार नगरीय निकाय और पंचायतीराज के चुने हुए बोर्ड को 6 महीने पहले भंग कर सकती है। सरकार ऐसा नहीं करती है तो फॉर्मूला फेल हो सकता है। आयोग ने 60 हजार ईवीएम की व्यवस्था कर ली है, जिसमें हरियाणा से 40 हजार और मध्यप्रदेश से दस हजार ईवीएम मिल गई हैं। आयोग के पास खुद की 10 हजार ईवीएम हैं तो वहीं प्रदेशभर में 60 हजार बूथ हैं। वहीं सूत्र के अनुसार वार्ड पंच और सरपंचों के चुनाव बैलेट बॉक्स से कराए जा सकते हैं। इसके लिए एक लाख बैलेट बॉक्स गुजरात से मंगाए जा रहे हैं। आयोग के पास पहले से 1 लाख बैलेट बॉक्स हैं।
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