Rajasthan News: राजस्थान में निजी बस संचालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल सोमवार को तीसरे दिन भी जारी रही। हड़ताल के चलते जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर समेत दर्जनभर जिलों में सैकड़ों रूट ठप हैं। यात्रियों को सरकारी बसों व निजी वाहनों के भरोसे सफर करना पड़ रहा है।

सोमवार दोपहर बस संचालकों का 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मिला। जयपुर रोडवेज बस स्टैंड संघ के अध्यक्ष सुरेश शर्मा के नेतृत्व में पहुंचे दल ने सीएम को दो पन्नों का ज्ञापन सौंपा।
ये है बस संचालकों की मुख्य मांगें
- मॉडिफाइड बसों को जब्त करने की बजाय 3 महीने का सुधार मौका
- चालान की राशि कम करना
- जैसलमेर हादसे के बाद शुरू हुए अभियान में राहत
यात्री परेशान, स्कूल-ऑफिस प्रभावित
हड़ताल से सुबह-शाम ऑफिस जाने वाले व स्कूली बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। जयपुर के सिंधी कैंप बस अड्डे पर सोमवार सुबह 200 से ज्यादा यात्री बिना बस के फंसे रहे। कई लोग ऊंचे किराए पर टैक्सी लेकर रवाना हुए।
जैसलमेर हादसा बना वजह
22 अक्टूबर को जैसलमेर में टूरिस्ट बस के पलटने से 11 पर्यटकों की मौत के बाद परिवहन विभाग ने राज्यभर में 500 से ज्यादा बसें जब्त की थीं। विभाग का दावा है कि सीटें बढ़ाना, फाइबर बॉडी व बिना परमिट संचालन नियमों का उल्लंघन है।
आज शाम तक बैठक
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि परिवहन मंत्री और सचिव के साथ शाम 5 बजे बैठक होगी। अगर सुधार का ठोस प्लान मिला तो 30 दिन की मोहलत दी जा सकती है।
बस संघ के प्रदेश अध्यक्ष विक्की गोयल ने कहा, हम सड़क सुरक्षा के खिलाफ नहीं, बस एक झटके में सब बंद करना गलत है। 15 हजार बसें बंद होंगी तो 50 हजार ड्राइवर-कंडेक्टर बेरोजगार हो जाएंगे।
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