Rajasthan News: गणतंत्र दिवस को देख भारत-पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है। जैसलमेर से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल ने 22 जनवरी से 28 जनवरी तक चलने वाले विशेष अभियान ऑपरेशन सर्द हवा की तैयारी तेज कर दी है। सर्दी, कोहरा और कम विजिबिलिटी के बीच घुसपैठ और तस्करी रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। सीमा सुरक्षा बल के सूत्रों के अनुसार सर्दियों के इन दिनों में पश्चिमी राजस्थान की सरहद पर भारी कोहरा और धुंध छाई रहती है।

विजिबिलिटी कम होने का फायदा उठाकर सीमा पार से घुसपैठ, तस्करी या किसी भी तरह की अवांछित गतिविधि की आशंका बढ़ जाती है। पाक के नापाक मंसूबे को नाकाम करने के लिए हर साल इस विशेष अभियान ऑपरेशन सर्द हवाश को अंजाम देती है। ऑपरेशन के दौरान तारबंदी के पास जवानों की संख्या में भारी इजाफा किया गया है। ऑपरेशन सर्द हवा के दौरान अंतरराष्ट्रीय सीमा की तारबंदी के पास जवानों की संख्या में इजाफा किया गया है।

सीमा पर राउंड. द. क्लॉक निगरानी रखी जा रही है। अभियान की खास बात यह है कि हेडकार्टर और कार्यालयों में तैनात जवानों और अधिकारियों को भी सीमा पर ड्यूटी दी गई है। अधिकारी खुद दिन. रात व्हीकल पेट्रोलिंग के जरिए सीमा की निगरानी कर रहे हैं। ऊंटों और पैदल गश्त के जरिए रेत के टीलों पर पदचिह्नों की बारीकी से जांच की जा रही है।

पुलिस और खुफिया तंत्र का तालमेल

नॉर्थ सेक्टर के सूत्रों के अनुसार सीमा सुरक्षा बल भारत की रक्षा की पहली पंक्ति है। गणतंत्र दिवस के दौरान सीमावर्ती गांवों और थानों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। सीमा से सटी पुलिस बौकियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखें। बीएसएफ अपनी रूटीन एक्सरसाइज के तहत गर्मी में ऑपरेशन गर्म हवा और सर्दी में ऑपरेशन सर्द हवा चलाती है। इस साल जैसलमेर सेक्टर में सुरक्षा व्यठस्या को गल्टी लेयर बनाया गया है, जिससे परिंदा भी पर ज गार सके। 28 जनवरी तक चलने वाले इस सघन अभियान के दौरान जैसलमेर की पूरी अंतरराष्ट्रीय सीमा को सील जैसा माहौल दिया गया है।

धुंध और कोहरे की चुनौती

गौरतलब है कि इन दिनों सरहद पर कड़ाके की ठंड व कोहरे के कारण सीमा सुरक्षा बल है अलर्ट पर है। बीएसएफ अपनी खुफिया इकाई के साथ. साथ अन्य केंद्रीय और राज्य खुफिया एजेंसियों के साथ भी रियल टाइम तालमेल बैठाया जा रहा है।

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