Rajasthan News: इन दिनों एक स्टार्ट अप की चर्चा जोरो-शोरों से हो रही है। जिसे शुरू करने वाले कोई और नहीं राजस्थान के रामसूरत जाट हैं। रामसूरत पहले कॉर्पोरेट जगत के खिलाड़ी थे। मगर काम में मन नहीं लगने के कारण उन्होंने इस्तीफा दे दिया और आज आलम यह है कि उनके यहां नौकरी के लिए लोग लाइन में खड़े रहते हैं।

पशुपालक रामसूरत जाट के पास 80 विशेष नस्ल की गाय हैं। इनमें कुछ देसी नस्ल की हैं और कुछ गिर नस्ल की गाय हैं। इन गायों के पालन-पोषण का रामसूरत खास ख्याल भी रखते हैं। इतना ही नहीं गायों को सुनाने के लिए उन्होंने 10 फीट ऊंचा लाउडस्पीकर भी लगा रखा है। जिनमें भगवान कृष्ण के भजन बजते हैं। रामसूरत जाट का कहना है कि बांसुरी की धुन पर गाय अच्छे से दूध देती हैं और इस नस्ल की गायों का घी बाजार में 4500 रुपये किलो ग्राम के भाव से बेचा जाता है।

उनकी गायों को रामसूरत खाने के लिए सिर्फ ऑर्गेनिक चारा देते हैं। दूध का प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए रासायनिक चारे का इस्तेमाल नहीं करते। गाय से मिलने वाले गोबर से रामसूरत खाद बनाते हैं और उसे बाजार में बेच देते हैं। इससे भी उन्हें डबल फायदा होता है।

बता दें कि रामसूरत भविष्य में 140 गायों को लाने की तैयारी में हैं। उनकी गौशाला में कृष्ण भक्ति का वातावरण रहता है। गौशाला की दीवारों पर भी गीता के श्लोक लिखे गए हैं।गायों को खाने के लिए ज्वार, मकई, बाजरा और गुड़ का मिश्रण दिया जाता है। गर्मी से गाय की रक्षा करने के लिए गौशाला में पंखों की भी व्यवस्था की गई है।

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