Rajasthan News: अलवर की कटी घाटी स्थित जयसमंद तिराया पहाड़ के नीचे नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अरावली पर्वतमाला के संबंध में सरकार पर कई सवाल खड़े करते हुए अवैध खनन को लेकर राज्य और केंद्र सरकार पर तीखे सवाल दागे। अरावली की तलहटी के बीच प्रेस वार्ता करते हुए जूली ने कहा कि एक ओर वह पहाड़ी है जो संरक्षित क्षेत्र में आती है, जबकि दूसरी ओर खुलेआम खनन किया गया है।

जूली अलवर सांसद और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से सवाल करते हुए कहा कि बताएं ऐसी कौन सी मजबूरी रही कि अरावली माता को बेचने का फैसला किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अरावली में खनन पर सुप्रीम कोर्ट की पहले से रोक है, फिर भी भ्रम फैलाया जा रहा है। जूली ने दावा किया कि नए आदेशों से 90′ पहाड़ियां खनन के दायरे में आ सकती हैं। उन्होंने कहा कि अरावली को दांव पर लगाने से अलवर के पांडूपोल, भर्तृहरि सहित गुरु शिखर तक के मंदिर भी संकट में आ जाएंगे। जूली बोले झूठ के जनरेटर केंद्र सरकार और राज्य सरकार के मंत्री जनता को भ्रम में डालने का प्रयास कर रहे हैं यह वह संकट है जो आने वाले समय में जनता का जीना दुश्वार कर देगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री और वन पर्यावरण एवं केंद्रीय मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि नष्ट नहीं होने का दावा करने वालों के पास आधार कुछ नहीं है केवल बयान वीर की तरह बयान बाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार और अलवर के दोनों मंत्री केवल जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। उनकी मंशा केवल माफिया को फायदा पहुंचाने और किसानों के पेट पर लात मारने की है लेकिन यह जन आंदोलन उनकी इस साजिश को नाकाम करके रहेगा। उन्होंने अलवर सांसद को नसीहत देते हुए कहा कि व्यावसायिक होने की बजाय व्यावहारिक बने अलवर की जनता ने आपको जनप्रतिनिधि के रूप में चुना है ताकि उनका विकास हो सके लेकिन आप उन्हें विनाश की ओर धकेल रहे हैं।
भाजपा राज में पूरे कुएं में ही भांग घुली हुई
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के राज में पूरे कुएं में ही भांग घुली हुई है। देश और प्रदेश की जनता इस सरकार के फैसलों से पूरी तरह त्रस्त है। उन्होंने कहा कि इस सरकार के फैसले केवल अपने उद्योगपति मित्रों को बढ़ावा देने के लिए है जबकि आम आदमी की कमर तोड़ने का काम किया जा रहा है।
पहली बार बिना पर्ची के बोल गए प्रदेश के सीएम
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सीधे-सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि अरावली को बर्बाद करने की केंद्र सरकार के इरादों पर मुख्यमंत्री एक शब्द नहीं बोले जब विपक्ष ने इस मुद्दे को उठाया तो बिना पर्ची के मजबूरी में उन्हें बोलना पड़ा। जूली ने कहा कि केंद्र सरकार ने राजस्थान के नेताओं की पूरी फौज बयान बाजी के लिए उतार दी लेकिन सीएम इस पर एक शब्द नहीं बोल पाए।
केंद्रीय मंत्री और सांसद ने तो अलवर आना ही छोड़ दिया
नेता प्रतिपक्ष जूली ने कहा कि जब से अरावली का मामला उठा है तब से केंद्रीय मंत्री और अलवर सांसद ने तो अलवर में आना-जाना ही बंद कर दिया। जूली बोले जनहित के इस मुद्दे से बचने के लिए अलवर सांसद अब अलवर की परिधि के बाहर ही चक्कर लगा रहे हैं।
27 दिसंबर को होगा अलवर में अरावली बचाने के लिए विशाल जन आंदोलन
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने बताया कि अरावली पर्वतमाला को बचाने के लिए अलवर में आगामी 27 दिसंबर को विशाल जन आंदोलन का आगाज होगा जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और कांग्रेस मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा सहित कांग्रेस के तमाम बड़े नेता जन आंदोलन का शंखनाद करेंगे।
प्रेस वार्ता में विधायक मांगेलाल मीणा, अलवर कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश गंगावत, खैरथल तिजारा जिलाध्यक्ष बलराम यादव, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष कमलेश सैनी, पूर्व जिलाध्यक्ष योगेश मिश्रा, संजय यादव, आर्यन जुबेर खान, योगेश मिश्रा, गफूर खान, संजीव बारेठ, राजेश कृष्ण सिद्ध, लीली यादव, प्रीतम मेहंदीरत्ता, जे डी आर्यन, रमन सैनी, निहाल सिंह गुर्जर, विश्राम गुर्जर सहित गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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