Rajasthan Panchayat Election 2026 के पहले चरण के लिए नामांकन दाखिल करने का आज, 13 अक्टूबर, अंतिम दिन है। जयपुर समेत 16 जिलों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव होने हैं। इसके बावजूद भाजपा और कांग्रेस ने अब तक अधिकांश वार्डों के उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं की है। भाजपा ने सोमवार देर शाम जयपुर जिले के कुछ प्रत्याशियों के नाम घोषित किए थे, जबकि कांग्रेस ने किसी भी जिले की सूची जारी नहीं की। ऐसे में टिकट के दावेदार नामांकन की तैयारी के साथ पार्टी के अंतिम फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

टिकट के ऐलान में देरी, बगावत रोकने की रणनीति

पंचायत चुनाव में टिकट वितरण को लेकर दोनों प्रमुख दलों में हलचल है। नामांकन का समय दोपहर 3 बजे समाप्त होना है। इसके बावजूद प्रत्याशियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए जाने से दावेदारों के सामने असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

दरअसल, भाजपा और कांग्रेस की कोशिश है कि टिकट वितरण के बाद पार्टी के भीतर बगावत की स्थिति न बने। इसी रणनीति के तहत नामांकन प्रक्रिया पूरी होने तक सूचियां रोकने की योजना बनाई गई है। पार्टी के चुनाव चिह्न अंतिम समय में दिए जा सकते हैं या बाद में अधिकृत प्रत्याशियों तक पहुंचाए जा सकते हैं।

जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों का चुनाव पार्टी के चुनाव चिह्न पर होता है। वहीं, सरपंच और ग्राम पंचायत वार्ड पंच के चुनाव पार्टी सिंबल पर नहीं लड़े जाते। इन पदों पर राजनीतिक दल अपने समर्थित उम्मीदवारों को मौखिक समर्थन दे सकते हैं।

भाजपा ने जयपुर के कुछ नाम किए घोषित

भाजपा ने सोमवार देर शाम जयपुर जिला परिषद के कुछ वार्डों के प्रत्याशियों की सूची जारी की थी। बताया जा रहा है कि इस सूची में उन्हीं वार्डों को शामिल किया गया, जहां उम्मीदवारों को लेकर किसी तरह का बड़ा मतभेद नहीं था। अन्य वार्डों में टिकट को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। कुछ दावेदारों को पार्टी की ओर से संकेत मिलने की चर्चा है। ऐसे उम्मीदवार खुद को मजबूत मानकर चल रहे हैं, जबकि बाकी दावेदारों की नजर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के फैसले पर टिकी है। कांग्रेस की ओर से अब तक किसी जिले के उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं होने से वहां भी दावेदारों का इंतजार बढ़ गया है।

आखिरी दिन नामांकन के लिए जुट रही भीड़

नामांकन के अंतिम दिन चुनाव वाले सभी 16 जिलों में जिला परिषद और पंचायत समितियों में गहमागहमी रहने की संभावना है। निर्दलीय उम्मीदवार नामांकन दाखिल करने में जुटे हैं, लेकिन राजनीतिक दलों के टिकट के दावेदारों में असमंजस बना हुआ है।

कई दावेदार पार्टी नेताओं से लगातार संपर्क कर रहे हैं। उनकी चिंता इस बात को लेकर है कि अंतिम समय में टिकट किसे मिलेगा और किसे चुनाव मैदान से बाहर रहना पड़ेगा।

नाम वापसी के बाद सामने आ सकती है तस्वीर

टिकट वितरण में देरी के बीच दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं की नजर दावेदारों की गतिविधियों पर भी बताई जा रही है। फिलहाल उम्मीदवारों के नामों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। यदि नामांकन के अंतिम दिन भी अधिकृत प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न नहीं दिए जाते हैं, तो उम्मीदवारों की स्थिति नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही साफ हो सकती है। फिलहाल टिकट के दावेदार नामांकन की तैयारी में जुटे हैं और पार्टी के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

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