Rajasthan Panchayat Election 2026: के पहले चरण के लिए मंगलवार को नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन रहा। जयपुर जिले में जिला परिषद के 57 सदस्यों और आठ पंचायत समितियों के सदस्यों के चुनाव के लिए भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों ने अपने पर्चे दाखिल किए।

भाजपा के जयपुर दक्षिण जिला अध्यक्ष राजेश गुर्जर ने वार्ड 22 और पूर्व जिला प्रमुख रमा देवी ने वार्ड 18 से नामांकन भरा। इस बीच जिला परिषद के वार्ड 47 में भाजपा प्रत्याशी के सामने उनके परिवार की बहू के निर्दलीय चुनाव लड़ने से मुकाबला चर्चा में आ गया। अब 14 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच और 15 अक्टूबर तक नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होगी।

राजेश गुर्जर और रमा देवी ने दाखिल किया नामांकन

भाजपा ने सोमवार रात जयपुर जिला परिषद के प्रत्याशियों की सूची जारी की थी। इसमें जयपुर दक्षिण के जिला अध्यक्ष राजेश गुर्जर को वार्ड 22 और पूर्व जिला प्रमुख रमा देवी को वार्ड 18 से टिकट दिया गया है। दोनों ने मंगलवार को अपना नामांकन दाखिल किया।

राजेश गुर्जर ने कहा कि भाजपा इस बार भी जयपुर जिला परिषद में अपना बोर्ड बनाना चाहती है। उन्होंने पिछले कार्यकाल में हुए कामों को आधार बनाकर जनता के बीच जाने की बात कही। गुर्जर ने कहा कि पार्टी ने वार्ड 22 से एक सामान्य कार्यकर्ता को मौका दिया है।

उन्होंने पानी, बिजली, सड़क और चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्रमुख मुद्दा बताया। उनके मुताबिक, सभी वर्गों को साथ लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य किए जाएंगे।

रमा देवी ने ग्रामीण सुविधाओं पर दिया जोर

पूर्व जिला प्रमुख रमा देवी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी शहरी निकायों जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख किया।

रमा देवी पिछले कार्यकाल में जिला प्रमुख रह चुकी हैं। उन्होंने पहले कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर जिला परिषद सदस्य का चुनाव लड़ा था। जीत के बाद भाजपा में शामिल हुईं और भाजपा के चुनाव चिह्न पर जिला प्रमुख का चुनाव लड़कर एक वोट से जीत हासिल की थी।

वार्ड 47 में चाची और बहू के बीच मुकाबला

जयपुर जिला परिषद के वार्ड 47 में परिवार के भीतर चुनावी मुकाबला सामने आया है। पूर्व जिला परिषद सदस्य विजय मीणा के मुताबिक, उन्होंने अपनी मां और पूर्व प्रधान मंजू मीणा के लिए भाजपा से टिकट मांगा था। हालांकि, पार्टी ने उनकी चाची मंजू मीणा को टिकट दे दिया।

विजय मीणा ने आरोप लगाया कि इस फैसले से परिवार में फूट पड़ी है। उन्होंने अपनी पत्नी सुनीता मीणा को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ाने का फैसला किया है।

सुनीता मीणा ने कहा कि वह स्थानीय मुद्दों पर चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने अपने पति के पिछले कार्यकाल में किए गए कार्यों के आधार पर जनता से समर्थन मांगने की बात कही। इस तरह वार्ड 47 में भाजपा प्रत्याशी मंजू मीणा और निर्दलीय प्रत्याशी सुनीता मीणा के बीच मुकाबला होगा।

कांग्रेस ने भी स्थानीय मुद्दों पर चुनाव लड़ने की बात कही

कांग्रेस ने जयपुर जिला परिषद के वार्ड 12 से पूर्व उप जिला प्रमुख मोहन डागर को प्रत्याशी बनाया है। डागर पहले परिसीमन से पूर्व वार्ड 37 से लगातार दो बार चुनाव जीत चुके हैं। वह नेता प्रतिपक्ष और उप जिला प्रमुख की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वर्तमान में वह कांग्रेस संगठन में महासचिव हैं।

डागर ने कहा कि आमेर पंचायत समिति की सात सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया है। उन्होंने प्रदेश और केंद्र सरकार की नीतियों को जनता के बीच उठाने के साथ स्थानीय समस्याओं को चुनावी मुद्दा बनाने की बात कही। उनके मुताबिक, जीतने पर जिला परिषद में ग्रामीण क्षेत्रों के मुद्दों को प्रमुखता से रखा जाएगा।

पानी, बिजली, सड़क और रोजगार पर रहेगा जोर

जमवा रामगढ़ पंचायत समिति की भाजपा प्रभारी डॉ. मनीषा सिंह भी प्रत्याशियों के साथ नामांकन दाखिल कराने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचीं। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव स्थानीय जरूरतों और समस्याओं पर केंद्रित रहेगा।

डॉ. सिंह ने पानी, बिजली, सड़क, चिकित्सा, रोजगार और महिला सशक्तिकरण को प्रमुख मुद्दे बताया। उन्होंने भाजपा के ग्रामीण संकल्प पत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने पंचायत चुनाव में भाजपा की जीत का दावा भी किया।

बारां में टिकट के दावेदारों से लिया गया फीडबैक

पंचायतीराज चुनावों को लेकर भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष और कोटा संभाग प्रभारी महेंद्र कुमावत ने मंगलवार को बारां में टिकट के दावेदारों से वन-टू-वन बातचीत की। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों के सामाजिक आधार, पार्टी के प्रति योगदान और क्षेत्र में उनकी छवि को ध्यान में रखकर चयन किया जाएगा।

भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश सिकरवार ने बताया कि प्रत्याशियों के चयन के लिए कार्यकर्ताओं को सर्वे की जिम्मेदारी भी दी गई है। उन्होंने कहा कि सभी दावेदारों से बातचीत और फीडबैक के बाद उम्मीदवार तय किए जाएंगे।

अब नामांकन जांच और नाम वापसी पर नजर

नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब प्रत्याशियों की नजर अगले चरणों पर है। बुधवार को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 15 अक्टूबर तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद चुनावी मुकाबले की तस्वीर अधिक स्पष्ट होगी।

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