Rajasthan Politics: राजस्थान विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान उस समय माहौल गरमा गया जब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सीधे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दिल्ली दौरों पर तंज कसा। डोटासरा ने आंकड़ों का हवाला देते हुए सवाल दागा कि अगर मुख्यमंत्री दिल्ली से खजाना लेकर आ रहे हैं, तो राज्य को मिलने वाले केंद्रीय अनुदान में 36-37 फीसदी की गिरावट क्यों दर्ज की गई?

डोटासरा ने सदन में तंज कसते हुए कहा कि साल 2024-25 में मुख्यमंत्री रिकॉर्ड बार दिल्ली गए, लेकिन हकीकत यह है कि राज्य को मिलने वाली केंद्रीय सहायता में भारी कमी आई है। उनके मुताबिक, राजस्थान को करीब 36 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा मिलने चाहिए थे, लेकिन असलियत इसके उलट है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि यह बजट सिर्फ हेडलाइन मैनेजमेंट है, जिसमें बड़ी घोषणाएं तो हैं, लेकिन धरातल पर पैसा गायब है।

कांग्रेस नेता ने राजस्व के प्रमुख स्रोतों जैसे एक्साइज, स्टांप और रजिस्ट्रेशन में आई गिरावट का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि जब सरकार का 60-70 फीसदी पैसा सिर्फ वेतन और भत्तों में चला जाता है, तो विकास के लिए फंड कहाँ से आएगा? डोटासरा ने यह भी आरोप लगाया कि कई विभागों ने अपना बजट खर्च ही नहीं किया और उसे सरेंडर करना पड़ा, जो खराब प्लानिंग का सबूत है।

डोटासरा ने सरकारी कार्यशैली पर निशाना साधते हुए कहा कि हर साल मार्च के महीने में बजट ठिकाने लगाने की जो होड़ मचती है, उससे भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों की आशंका बढ़ती है। उन्होंने सरकार को सलाह दी कि अगर समय रहते सही प्लानिंग के साथ पैसा खर्च किया जाए, तभी प्रदेश का असली विकास संभव है।

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