Rajasthan Politics: राजस्थान विधानसभा में अतिरिक्त कैमरों के जरिए जासूसी के आरोपों ने नया मोड़ ले लिया है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्यपाल हरिभाऊ बागडे से मुलाकात कर मांग की कि विधानसभा को तुरंत सील कर जॉइंट कमेटी से जांच करवाई जाए। उन्होंने कहा कि जांच में सभी दलों के विधायक और हाईकोर्ट के एक रिटायर्ड जज को शामिल किया जाए, ताकि निष्पक्ष जांच हो सके।

जूली ने आरोप लगाया कि सदन में लगाए गए दो स्पाई कैमरों का पूरा सिस्टम विधानसभा स्पीकर के रेस्ट रूम से संचालित होता है और इन कैमरों का एक्सेस केवल स्पीकर के पास है। उनका कहना है कि विपक्ष की रणनीतियां पहले से सरकार तक पहुंच रही हैं और इसकी वजह यही कैमरे हैं।
उन्होंने दावा किया कि पीडब्ल्यूडी द्वारा जारी टेंडर डॉक्युमेंट में साफ लिखा है कि 18.46 लाख रुपए में दो ऑडियो रिकॉर्डिंग वाले कैमरे खरीदे गए हैं। जबकि सरकार की तरफ से पहले कहा गया था कि इन कैमरों से केवल वीडियो रिकॉर्डिंग होती है। जूली का कहना है कि यह सरकार की जासूसी का सबूत है।
नेता प्रतिपक्ष ने यहां तक आरोप लगाया कि सरकार न सिर्फ विपक्ष की जासूसी कर रही है बल्कि यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कौन से विधायक पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के संपर्क में हैं।
इससे पहले जूली ने विधानसभा में ही कहा था कि अगर 15 मिनट के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी जाए तो वे खुद दिखा देंगे कि पूरा नेटवर्क कहां से संचालित हो रहा है।
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