Rajasthan Politics: राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के बांसवाड़ा दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। 19 फरवरी को घाटोल कस्बे में आयोजित एक मंदिर प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची राजे के सामने ही पुलिस ने तीन संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया, जिसके बाद कार्यक्रम स्थल पर हड़कंप मच गया।

कैसे हुआ खुलासा और पुलिस की कार्रवाई

घाटोल सीआई रमेश पन्नू के अनुसार, कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने भीड़ के बीच तीन युवकों की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दी थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मोहम्मद फारुख (53), लतिश खान (42) और जगदीश मेहरा (44) को हिरासत में लिया। ये तीनों आरोपी इंदौर (मध्य प्रदेश) के निवासी हैं। शुरुआती जांच में इसे सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा था, लेकिन पूछताछ में पता चला कि ये आरोपी पेशेवर जेबकतरे हैं जो भारी भीड़ का फायदा उठाकर चोरी की नीयत से आए थे।

मोबाइल में मिली दौरे की पूरी कुंडली

पकड़े गए आरोपियों की तलाशी लेने पर पुलिस के होश उड़ गए। उनके मोबाइल फोन में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के दौरे और कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी पहले से मौजूद थी। हालांकि, आरोपियों ने कुबूल किया है कि उनका मकसद सुरक्षा घेरा तोड़ना नहीं, बल्कि कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ का फायदा उठाकर मोबाइल और नकदी पार करना था। पुलिस अब इनके अंतर्राज्यीय गिरोह से संबंधों की जांच कर रही है।

पकड़े गए आरोपियों का विवरण

इंदौर निवासी मोहम्मद फारुख, लतिश खान और जगदीश मेहरा के आपराधिक रिकॉर्ड खंगालने के लिए राजस्थान पुलिस ने इंदौर पुलिस से संपर्क साधा है। जांच का मुख्य बिंदु यह है कि इन आरोपियों के पास पूर्व मुख्यमंत्री के निजी दौरे की इतनी सटीक जानकारी कैसे पहुंची और क्या इनके साथ गिरोह के अन्य सदस्य भी घाटोल में सक्रिय थे।

पुलिस आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। इस घटना के बाद वीवीआईपी दौरों के दौरान सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती और संदिग्धों की निगरानी और कड़ी कर दी गई है।

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