Rajasthan Shakti Suraksha Abhiyan: नवरात्र के दौरान गरबा-डांडिया कार्यक्रमों में शामिल होने वाली महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए राजस्थान पुलिस प्रदेशभर में ‘शक्ति सुरक्षा अभियान’ चलाएगी। अभियान के तहत प्रमुख आयोजन स्थलों पर कालिका पेट्रोलिंग टीमों और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी। सादी वर्दी में निगरानी के साथ छेड़छाड़ और दुर्व्यवहार की शिकायतों पर डिकॉय ऑपरेशन के जरिए कार्रवाई भी की जाएगी। एडीजी लता मनोज कुमार ने बताया कि सभी जिला पुलिस अधीक्षकों और जयपुर-जोधपुर के डीसीपी को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

गरबा स्थलों पर तैनात होंगी कालिका पेट्रोलिंग टीमें

राजस्थान पुलिस प्रमुख गरबा-डांडिया स्थलों को चिह्नित कर वहां सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की योजना बनाएगी। संवेदनशील और अधिक भीड़ वाले स्थानों पर कालिका पेट्रोलिंग टीमों के साथ पर्याप्त महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। जरूरत के अनुसार सादी वर्दी में भी महिला पुलिसकर्मी निगरानी करेंगी।

एडीजी लता मनोज कुमार के मुताबिक, सुरक्षा का ध्यान केवल कार्यक्रम के दौरान ही नहीं, बल्कि उसके समाप्त होने के बाद भी रखा जाएगा। महिलाओं के साथ छेड़छाड़ या दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ डिकॉय ऑपरेशन चलाकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

महिला हेल्प डेस्क और QR कोड से मिलेगी पुलिस सहायता

प्रमुख आयोजन स्थलों पर महिला हेल्प डेस्क स्थापित की जाएंगी। यहां महिला पुलिसकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा महिला हेल्पलाइन, राजकॉप और अन्य पुलिस संपर्क माध्यमों की जानकारी वाले पोस्टर लगाए जाएंगे।

इन पोस्टरों पर QR कोड भी प्रदर्शित किए जाएंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर महिलाएं पुलिस सहायता से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकें। पुलिस का जोर है कि किसी परेशानी की स्थिति में सहायता प्राप्त करने का माध्यम आसानी से उपलब्ध हो।

CCTV और प्रवेश द्वारों पर भी रहेगी निगरानी

बड़े गरबा-डांडिया आयोजनों से पहले पुलिस आयोजकों के साथ बैठक करेगी। इन बैठकों में महिला सुरक्षा से जुड़े दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। आयोजकों को सुरक्षा के लिए नियुक्त सिक्योरिटी वॉलंटियर्स की सूची संबंधित पुलिस अधिकारियों को उपलब्ध करानी होगी।

आयोजन स्थलों पर लगे CCTV कैमरों और अन्य तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। प्रवेश द्वारों पर पहचान-पत्र और डिजिटल पास की जांच पर जोर रहेगा। प्रवेश और निकास द्वारों के साथ पार्किंग तथा पार्किंग से आयोजन स्थल तक आने-जाने वाले रास्तों पर भी निगरानी रखी जाएगी।

ऑटो-टैक्सी चालकों को भी अभियान से जोड़ेंगे

महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए ऑटो और टैक्सी चालकों के साथ बैठकें आयोजित की जाएंगी। उन्हें संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस को देने और जरूरत पड़ने पर पुलिस सहायता लेने के बारे में जागरूक किया जाएगा।

महिला सुरक्षा हेल्पलाइन से जुड़े स्टीकर ऑटो, टैक्सी और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों पर भी प्रदर्शित करवाए जाएंगे। इससे गरबा-डांडिया कार्यक्रमों में आने-जाने वाली महिलाओं तक सुरक्षा संबंधी जानकारी पहुंचाने की योजना है।

सुरक्षा सखियों और सामुदायिक समूहों की भी मदद

राजस्थान पुलिस अभियान में युवा सामुदायिक समन्वय समूह (Y-CLG) के सदस्यों और सुरक्षा सखियों को भी शामिल करेगी। अभियान शुरू होने से पहले जिला पुलिस के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, व्हाट्सऐप और अन्य डिजिटल माध्यमों से महिला सुरक्षा, हेल्पलाइन और पुलिस सहायता की जानकारी साझा की जाएगी।

अभियान की निगरानी जिला स्तर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी करेंगे। महिला सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट काम करने वाली कालिका पेट्रोलिंग टीमों और महिला पुलिसकर्मियों को पुलिस मुख्यालय स्तर पर सम्मानित करने के लिए चुना जाएगा।

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