Rajasthan To New America Bus: जोधपुर: राजस्थान के फलोदी जिले में बसा लोर्डियां गांव अपनी अनूठी पहचान के कारण ‘न्यू अमेरिका’ के नाम से मशहूर है। जोधपुर से मात्र 120 किलोमीटर दूर स्थित यह गांव मेहनत, ईमानदारी और आपसी भाईचारे का प्रतीक है। इतना ही नहीं, यहाँ के लिए बस में ‘न्यू अमेरिका’ का टिकट माँगने पर कंडक्टर आपको सीधे इस गांव का टिकट दे देगा, जो इसकी क्षेत्रीय लोकप्रियता को दर्शाता है।

लोर्डियां के लोग एक-दूसरे के सहारे के लिए जाने जाते हैं। चाहे घर बनाने का काम हो या खेती-बाड़ी, ग्रामीण हर काम में कंधे से कंधा मिलाकर साथ देते हैं। पहले खेती से समृद्धि के दिनों में लोग निःशुल्क एक-दूसरे के खेतों में मदद करते थे, और यह परंपरा आज भी जीवित है। यह एकता इस गांव को और भी खास बनाती है।
कैसे पड़ा ‘न्यू अमेरिका’ नाम?
साल 1951 में होली के मौके पर लोर्डियां में आयोजित एक ऐतिहासिक मुशायरे ने इस गांव को नई पहचान दी। मुशायरे में दो समूहों ने हिस्सा लिया, जिनमें से एक ने गांव का नाम ‘न्यू अमेरिका’ और दूसरे ने ‘लालचीन’ रखा। समय के साथ ‘लालचीन’ नाम गायब हो गया, लेकिन ‘न्यू अमेरिका’ लोगों की जुबान पर चढ़ गया। इस तरह 300 साल पुराने इस गांव को नया नाम और नई तस्वीर मिली।
लोर्डियां की मिट्टी में मेहनत, एकता और सादगी की खुशबू बसी है। यह गांव न केवल अपनी आत्मनिर्भरता के लिए, बल्कि सामुदायिक सहयोग और सौहार्द के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। ‘न्यू अमेरिका’ की यह कहानी हर उस व्यक्ति को आकर्षित करती है जो मेहनत और भाईचारे की जीवंत मिसाल देखना चाहता है।
पढ़ें ये खबरें
- MP में दर्दनाक सड़क हादसे में 5 की मौत: ट्रैक्टर ट्राली और लोडिंग में भिड़ंत में दर्जनों घायल, मकर संक्रांति मनाने जा रहे थे सभी
- Today’s Recipe: मटर की सैंडविच लगती है बहुत ही स्वादिष्ट, अब तक नहीं किया ट्राय तो जरूर बनाकर देखें, जानिए रेसिपी
- 26 टन गोमांस मिलने का मामला: 2 पूर्व मेयर ने स्लॉटर हाउस खुलने पर लगाई थी रोक, महापौर मालती राय ने दिखाई थी दिलचस्पी, निर्माण के लिए 2 बार बढ़ाया था समय
- पत्रकारिता विश्वविद्यालय में कथित गलत नियुक्तियों पर हाईकोर्ट ने जारी किए सख्त निर्देश, याचिकाकर्ता डॉ. शिवकृपा मिश्रा को मिली राहत
- मांझे ने काट दी जीवन की डोर : घर लौटते समय डॉक्टर के गले में लगा मांझा, मौके पर मौत

