Rajasthan Utsav 2026: देश की राजधानी दिल्ली में अब राजस्थान की मिट्टी की खुशबू महकेगी। कल यानी 15 मार्च को बीकानेर हाउस में राजस्थान उत्सव 2026 का शानदार आगाज हुआ। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर इसका उद्घाटन किया। यह आयोजन 25 मार्च तक चलेगा, जहां आपको राजस्थानी कला, संस्कृति और खान-पान का एक साथ अनुभव मिलेगा।

क्या है खास?
बता दें कि इस उत्सव में राजस्थान की समृद्ध विरासत को पेश किया गया है। 15 से 25 मार्च तक चलने वाले इस कार्यक्रम में लोक संगीत, नृत्य, हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों की स्टॉल लगाई गई हैं। अगर आप दिल्ली में हैं, तो आपको मरूधरा की संस्कृति से जुड़ने का यह बेहतरीन मौका है।
शिल्पकारों से की सीधी बात
कार्यक्रम के दौरान सीएम भजनलाल शर्मा का एक अलग ही अंदाज दिखा। वे सिर्फ मंच तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उत्सव परिसर में घूम-घूमकर राजीविका और ग्रामीण विकास एजेंसी के स्टॉलों को देखा। उन्होंने वहां मौजूद शिल्पकारों और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से खुलकर बातचीत की। सीएम ने हस्तशिल्प उत्पादों और पारंपरिक वस्त्रों की बारीकी देखी और कलाकारों की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि सरकार इन महिला समूहों को बाजार दिलाने के लिए संकल्पित है, ताकि उनकी आय बढ़ सके।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने जमाया रंग
बीकानेर हाउस में राजस्थानी फोटोग्राफी प्रदर्शनी का भी उद्घाटन हुआ, जिसमें प्रदेश के ऐतिहासिक धरोहरों को तस्वीरों में कैद कर दिखाया गया है। वहीं, अलवर के प्रवीण प्रजापत द्वारा प्रस्तुत मटका भवाई नृत्य और विष्णु दत्त शर्मा की फूलों की होली व मयूर नृत्य ने वहां मौजूद दर्शकों का मन मोह लिया।
इस आयोजन से न केवल राजस्थान की संस्कृति को वैश्विक मंच मिल रहा है, बल्कि वहां के छोटे शिल्पकारों को सीधे दिल्ली के बाजार से जुड़ने का मौका भी मिला है।
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