जयपुर। राजस्थान में अक्टूबर के मध्य मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 14 से 16 अक्टूबर के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में तेज मेघगर्जन, बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका जताई है। बीकानेर और जयपुर संभाग के कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में ओले भी गिर सकते हैं। मौसम में बदलाव से तापमान में गिरावट आने और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

बीकानेर से जयपुर तक मौसम का असर

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, बीकानेर और जयपुर संभाग के अलावा श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, नागौर, फलौदी और भरतपुर संभाग के कुछ इलाकों में मौसम प्रभावित हो सकता है।

श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में 14 और 15 अक्टूबर को तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। बीकानेर और फलौदी क्षेत्र में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। वहीं, जयपुर और भरतपुर संभाग में 14 से 16 अक्टूबर के दौरान मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

बीकानेर और शेखावाटी में किसानों की बढ़ेगी चिंता?

आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की आशंका ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बीकानेर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में कई जगह फसलें कट चुकी हैं या पककर तैयार हैं। इसके अलावा मंडियों और खुले स्थानों पर अनाज रखा हुआ है। ऐसे में बारिश और ओले गिरने से फसलों और अनाज को नुकसान पहुंचने की आशंका है।

मौसम विभाग ने किसानों और व्यापारियों को सलाह दी है कि खुले में रखी फसल और अनाज को तिरपाल से ढककर सुरक्षित स्थान पर रखें। खेतों में पानी भरने की आशंका को देखते हुए जल निकासी की व्यवस्था भी दुरुस्त रखें।

जयपुर और आसपास के इलाकों में भी अलर्ट

जयपुर संभाग के ग्रामीण इलाकों में 15 अक्टूबर को कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। दौसा और आसपास के क्षेत्रों में तेज बौछारें पड़ सकती हैं। इस दौरान गरज-चमक और तेज हवाओं को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

16 अक्टूबर के बाद कैसा रहेगा राजस्थान का मौसम?

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 16 अक्टूबर से पश्चिमी राजस्थान में मौसम मुख्य रूप से शुष्क होने लगेगा। वहीं, पूर्वी राजस्थान में 17 अक्टूबर से आसमान साफ रहने की संभावना है।

फिलहाल अगले तीन दिन प्रदेश के कई इलाकों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। किसानों को फसल और अनाज सुरक्षित रखने की तैयारी करने तथा आम लोगों को गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।