राजगीर। बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थल राजगीर की यात्रा पर आने वाले सैलानियों के लिए एक जरूरी अपडेट है। रत्नागिरी पर्वत की चोटियों का दीदार कराने वाला प्रसिद्ध आकाशीय रज्जुपथ (रोपवे) आगामी 8 अप्रैल से 20 अप्रैल 2026 तक पर्यटकों के लिए पूरी तरह बंद रहेगा। यह निर्णय सुरक्षा और तकनीकी रखरखाव (मेंटेनेंस) को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है।

​मलमास मेले की तैयारियों पर जोर

​इस अस्थायी रोक का मुख्य कारण आगामी ऐतिहासिक मलमास मेला है। राजगीर में आयोजित होने वाले इस भव्य मेले के दौरान देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचते हैं। मेले के दौरान रोपवे पर पर्यटकों का भारी दबाव रहता है। भीड़ के इस दबाव को सुरक्षित रूप से संभालने के लिए प्रशासन और रोपवे प्रबंधन ने मेले से पहले ही सभी तकनीकी जांच पूरी करने का फैसला लिया है।

​सुरक्षा मानकों के साथ समझौता नहीं

​रोपवे प्रबंधक दीपक कुमार ने जानकारी दी कि सुरक्षा मानकों को वैश्विक स्तर का बनाए रखने के लिए समय-समय पर गहन मेंटेनेंस अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 8 अप्रैल से शुरू होने वाले इस कार्य के दौरान मशीनों के पुर्जों, सेंसर और मुख्य केबल्स की बारीकी से जांच की जाएगी। इस अवधि में जो भी मरम्मत कार्य होंगे, उन्हें 20 अप्रैल तक पूरा कर लिया जाएगा।

​21 अप्रैल से फिर शुरू होगा सफर

​12 दिनों के इस शटडाउन के बाद 21 अप्रैल से पर्यटक एक बार फिर सुरक्षित और आधुनिक सफर का आनंद ले सकेंगे। वर्तमान में यहां अत्याधुनिक 8-सीटर केबिन (केबल कार) संचालित की जा रही है, जो पर्यटकों को बेहद कम समय में रत्नागिरी पर्वत के शिखर पर स्थित विश्व शांति स्तूप तक पहुंचाती है।

​पर्यटन और आस्था का केंद्र

​राजगीर का यह रज्जुपथ न केवल श्रद्धालुओं के लिए सुगम रास्ता है, बल्कि यह प्रकृति प्रेमियों के लिए भी किसी स्वर्ग से कम नहीं है। केबिन कार से यात्रा करते समय पंत वन्यजीव अभ्यारण्य और मगध की प्राचीन पहाड़ियों का जो विहंगम दृश्य दिखता है, वह पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है। प्रबंधन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना इसी सूचना के आधार पर बनाएं ताकि उन्हें किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।