कुंदन कुमार/पटना। बिहार विधान परिषद की कार्यवाही सोमवार को हंगामे की भेंट चढ़ गई। सदन में उस वक्त तनाव चरम पर पहुंच गया जब पूर्व मुख्यमंत्री और राजद नेता राबड़ी देवी ने सत्ता पक्ष पर ‘वोट चोरी’ का गंभीर आरोप लगाया। इस दौरान जदयू के वरिष्ठ नेता और मंत्री अशोक चौधरी के साथ उनकी तीखी झड़प हुई, जिसके बाद सदन में भारी शोर-शराबा शुरू हो गया।

‘वोट चोरी’ के आरोप पर मचा बवाल

हंगामे की शुरुआत तब हुई जब राबड़ी देवी ने अपनी बात रखते हुए सीधे तौर पर नीतीश सरकार की वैधता पर सवाल उठाए। उन्होंने कड़े लहजे में कहा आप लोग वोट चोरी करके सत्ता में आए हैं। पूरा देश जानता है कि आप लोगों ने चुनाव में वोट की चोरी की है। उनके इस बयान ने सत्ता पक्ष के सदस्यों को उग्र कर दिया।

अशोक चौधरी का पलटवार

राबड़ी देवी के आरोपों का जवाब देते हुए मंत्री अशोक चौधरी ने राजद की चुनावी हार पर चुटकी ली। उन्होंने तंज कसते हुए कहा जनता ने आपका क्या हाल किया है यह सबको दिख रहा है। जनता ने आपको सिर्फ 25 सीटों पर समेट दिया है। यह आपकी नीतियों का ही परिणाम है कि जनता ने आपको नकार दिया।

नीरज कुमार ने तेजस्वी को घेरा

विवाद में कूदते हुए जदयू एमएलसी नीरज कुमार ने राबड़ी देवी के आरोपों को उनके ही परिवार पर मोड़ दिया। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा अगर आप कहती हैं कि वोट की चोरी हुई है तो फिर आपका बेटा तेजस्वी यादव भी उसी प्रक्रिया से जीतकर आया है। क्या तेजस्वी भी वोट की चोरी से जीते हैं? इस बयान के बाद विपक्षी सदस्य आक्रोशित होकर सदन के बीचों-बीच (वेल में) आ गए और नारेबाजी करने लगे।

कल तक के लिए कार्यवाही स्थगित

हंगामे और शोर-शराबे को देखते हुए सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाना असंभव हो गया। अंततः सभापति ने सदन की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए कार्यवाही को मंगलवार दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। एक बार फिर बिहार की राजनीति में बढ़ती कड़वाहट और सदन के भीतर घटते संवाद के स्तर को उजागर कर दिया है।