जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण नौटियाल ने भाजपा से इस्तीफा देने की पुष्टि करते हुए पार्टी में सम्मान नहीं मिलने को इसकी वजह बताया है. उन्होंने कहा कि इस्तीफा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को ई-मेल से भी भेज दिया है.
देहरादून. लोकप्रिय गायक जुबिन नौटियाल के पिता और भाजपा नेता रामशरण नौटियाल ने पार्टी से इस्तीफा देने की पुष्टि की है. उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले उनके इस्तीफे को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज है. रामशरण नौटियाल ने कहा कि पार्टी में सम्मान नहीं मिलने के कारण उन्होंने यह फैसला लिया है.
इस्तीफे पर सफाई
रामशरण नौटियाल ने बताया कि उन्होंने अपना इस्तीफा व्यक्तिगत रूप से नहीं, बल्कि अपने स्टेनोग्राफर के माध्यम से भेजा था. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट तक इस्तीफा नहीं पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने बुधवार को ई-मेल के जरिए भी अपना त्यागपत्र भेज दिया.
उन्होंने कहा कि जिस जगह कोई व्यक्ति लंबे समय तक काम करता है, उसे छोड़ने का फैसला अचानक नहीं होता. उनके मुताबिक काम करने वाली जगह पर सम्मान मिलना जरूरी है और सम्मान नहीं मिलने पर वहां से अलग होना उचित है.
रामशरण नौटियाल ने पार्टी में अनुशासन और सम्मान का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि जहां अनुशासन नहीं हो, अनुशासन तोड़ने वालों का वरिष्ठ नेता साथ दें या किसी व्यक्ति का अपमान हो, वहां बने रहना उचित नहीं है.
वरिष्ठ नेताओं पर सवाल
रामशरण नौटियाल ने कहा कि पार्टी छोड़ने की पूरी वजह प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट से पूछी जानी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में कुछ नेताओं की भूमिका से वह नाराज हैं और मंचों पर भी उन्हें अपमान का सामना करना पड़ा.
उन्होंने बताया कि वह वर्ष 2014 में भाजपा में शामिल हुए थे. इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से लेकर जमीनी कार्यकर्ताओं तक कई लोगों से उन्हें सम्मान और सहयोग मिला, जिसके लिए उन्होंने आभार जताया.
भाजपा ने जताई अनभिज्ञता
रामशरण नौटियाल के इस्तीफे को लेकर भाजपा प्रदेश इकाई ने पहले कहा था कि उसे उनका त्यागपत्र प्राप्त नहीं हुआ है. भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान के अनुसार प्रदेश अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष, दोनों में से किसी को भी इस्तीफे का पत्र नहीं मिला था.
रामशरण नौटियाल वर्ष 2022 में भाजपा के टिकट पर चकराता विधानसभा सीट से चुनाव लड़े थे. इस चुनाव में कांग्रेस के प्रीतम सिंह ने उन्हें 9,436 मतों के अंतर से हराया था.
नौटियाल वर्ष 2014 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे. वह देहरादून जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं. फिलहाल उनके भाजपा छोड़ने के बाद आगे की राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चा जारी है, लेकिन कांग्रेस में शामिल होने की कोई औपचारिक घोषणा सामने नहीं आई है.

