Dharm Desk – आज रमा एकादशी है। साल की 24 एकादशियों में इस एकादशी का विशेष महत्व है । दीपावली के दो दिन पहले आने के कारण विष्णु जी के साथ मां लक्ष्मी की विशेष आरधना की जाती है। आज क्या हुआ उपाय हर लिया से कार्य सिद्ध होने वाला बन जाता है। बहुत बार ऐसा होता है कि पूरी मेहनत करने के बाद भी हमारे कुछ जरूरी काम अधूरे रह जाते है। कभी परिस्थितियां साथ नहीं देती तो कभी सही अवसर नहीं मिल पाता। ऐसे में रमा एकदशी पर भगवान विष्णु का स्मरण करते हुए नए संकल्प लेना। अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ना शुभ माना है। आज के उपाय को पूरी श्रद्धा और मां के साथ करें।

सात बेलपत्र और जल का सरल उपाय

  1. रमा एकादशी की स्नान करने के बाद घर के मंदिर में भगवान विष्णु की पूजा करें। उनके सामने दीपक जलाएं और फूल, फल व तुसील दल अर्पित करें। इसके बाद भगवान से अपने परिवार की सुख-शांति और जीवन में आने वाली परेशानियों को दूर करने की प्रार्थना करे ।
  2. पूजा पूरी होने पर एक साफ बर्तन में शुद्ध जल भरें। इसमें सात बेलपत्र डालकर बर्तन को घर के मुख्य दरवाजे के दाहिनी ओर किसी साफ स्थान पर रख दें। इसे लगभग 15 मिनट तक वहीं रहने दें। इस दौरान भगवान विष्णु का ध्यान करें और मन ही मन अपने अधूरे कार्यों को पूरा करने का संकल्प ले ।
  3. 15 मिनट पूरे होने के बाद जल और बेलपत्र से भरा बर्तन लेकर पास के किसी शिव मंदिर में जाएं। वहां महादेव के सामने श्रद्धापूर्वक जल अर्पित करें और सातों बेल-पत्र शिवलिंग पर चढ़ाए । इस दौरान ‘श्री शिवाय नमस्तुभ्यं’ मंत्र का जाप करें। इसके बाद कुछ समय मंदिर में बैठकर भगवान शिव का ध्यान करें। अपने जीवन में सुख-शांति बनाए रखने की प्रार्थना करें।

रमा एकादशी पर जरूर करें ये काम

एकादशी के दिन पूजा-पाठ के साथ जरूरतमंद को मदद के रूप में कुछ भी सामान दें । अपनी सामर्थ्य के अनुसार गरीब व्यक्ति को भोजन, फल, अनाज अथवा कपड़े दान कर सकते हैं।

क्यों पड़ा रमा एकादशी नाम?

रमा एकादशी के नाम का संबंध माता लक्ष्मी से है। माता लक्ष्मी के अनेक नामों में ‘रमा’ भी एक प्रमुख नाम है । धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की आराधना करने से सुख समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इसी कारण कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की इस एकादशी को रमा एकादशी कहा जाता है। यह व्रत भक्तों के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है।