रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रमुख नेत्र चिकित्सालय श्री गणेश विनायक आई हॉस्पिटल ने पिछले एक वर्ष छ:माह में सफलतापूर्वक 100 कॉर्निया प्रत्यारोपण (केराटोप्लास्टी सर्जरी) किया गया है. इसके साथ ही हॉस्पिटल ने मध्य भारत में कॉर्नियल सर्जरी की अधिकतम संख्या को सफलतापूर्वक पूरा करने का रिकॉर्ड कायम किया है.

कराटोप्लॉस्टी का मतलब है कॉर्निया को सर्जरी के द्वारा बीमारी के अनुसार पूरी तरह या आंशिक रूप से बदलना. ग्राफ्ट को हाल ही में मृत व्यक्ति से लिया जाता है, जिसका कोई ज्ञात रोग या अन्य कारकपता नहीं होता जो कि दान किए गए ऊतक के अस्तित्व या प्राप्तकर्ता के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं.

श्री गणेश विनायक आई हॉस्पिटल के निदेशक और प्रसिद्ध नेत्र सर्जन डॉ. चारुदत्त कलमकर ने बताया कि जिन रोगियों ने कॉर्निया की जटिल बीमारी की वजह से अपनी उम्मीद खो दी थी, उन्हें कॉर्नियल प्रत्यारोपण से बहुत लाभ हुआ. यह एक सर्जिकल प्रक्रिया है, जिसमें क्षतिग्रस्त कॉर्निया को दान से प्राप्त कॉर्नियल ऊतक (ग्राफ्ट) से प्रतिस्थापित किया जाता है.

उन्होंने बताया कि राजिम निवासी 27 वर्षीय पुष्पा साहू की दाई आँख में केराटोप्लास्टी हुई थी, जिसके बाद उन्हें अपनी दृष्टि वापस मिल गई. इसी तरह 44 वर्षीय परदेशी राम देवांगन की बायीं आंख में सफलतापूर्वक केराटोप्लास्टी की गई. इसके अलावा अन्य कई मरीजों को केराटोप्लास्टी से नई रोशनी मिली है.