सोहराब आलम, मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल इलाके में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान लगभग चार करोड़ रुपये मूल्य की 1.806 किलोग्राम स्मैक जैसे प्रतिबंधित मादक पदार्थ को बरामद किया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई पूरी तरह से गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसने तस्करों के मंसूबों पर पानी फेर दिया।
​खुफिया तंत्र से मिली जानकारी के अनुसार, सुगौली की ओर से एक सफेद रंग की स्कॉर्पियो-एन गाड़ी में भारी मात्रा में मादक पदार्थों की खेप लाई जा रही थी। यह गाड़ी लक्ष्मीपुर चेक पोस्ट को पार कर रक्सौल की तरफ बढ़ने वाली थी। सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और रक्सौल एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया गया, जिसमें मोतिहारी एसटीएफ और अन्य थानों के पुलिस अधिकारी शामिल थे।

​लक्ष्मीपुर चेक पोस्ट पर चेकिंग के दौरान धरे गए आरोपी

​गठित की गई संयुक्त टीम ने बिना देर किए लक्ष्मीपुर चेक पोस्ट के पास सघन वाहन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया। कुछ ही देर बाद सूचना के मुताबिक वही संदिग्ध सफेद रंग की स्कॉर्पियो-एन गाड़ी वहां पहुंचती हुई दिखाई दी। पुलिस बल ने तत्परता दिखाते हुए गाड़ी को चारों तरफ से घेरकर रोक लिया।
​जब वाहन की बारिकी से तलाशी ली गई, तो उसमें से छिपाकर रखी गई 1.806 किलोग्राम स्मैक बरामद हुई। पुलिस ने मौके पर ही मौजूद दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया और पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। स्मैक के अलावा तस्करों के पास से दो इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल फोन और एक सोने जैसी धातु का लॉकेट भी बरामद किया गया है, जिसका उपयोग और संबंध तस्करों के नेटवर्क से खंगाला जा रहा है।

​अन्य सदस्यों की तलाश जारी

​इस सनसनीखेज मामले को लेकर रक्सौल थाने में एनडीपीएस अधिनियम और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत कांड संख्या 477/26 दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब गिरफ्तार दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध कारोबार का मुख्य सरगना कौन है और यह खेप कहां से लाई जा रही थी तथा इसे किसे डिलीवर किया जाना था।
​प्रशासन की इस कार्रवाई से न सिर्फ सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय ड्रग्स माफियाओं में हड़कंप मच गया है, बल्कि पुलिस अब इस तस्करी से जुड़े देश-विदेश के अन्य स्लीपर नेटवर्क्स और चेहरों को बेनकाब करने के लिए डिजिटल साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स की भी मदद ले रही है।