RBI Monetary Policy Meeting : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक आज, 4 फरवरी को शुरू हो रही है. यह बैठक 6 फरवरी तक चलेगी और सभी फैसलों की घोषणा उसी दिन की जाएगी. जानकारों के मुताबिक, इस बैठक में ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम है. दिसंबर में हुई पिछली बैठक में रेपो रेट को 0.25% घटाकर 5.25% कर दिया गया था. इस साल रेपो रेट में चार बार कटौती की गई है, कुल मिलाकर 1.25% की कटौती हुई है.

फरवरी की बैठक में RBI ने ब्याज दरों को 6.5% से घटाकर 6.25% कर दिया था. मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी द्वारा यह कटौती लगभग 5 साल बाद की गई थी. अप्रैल में हुई दूसरी बैठक में ब्याज दर में फिर से 0.25% की कटौती की गई. जून में दरों में तीसरी बार 0.50% की कटौती की गई. इसके बाद, दिसंबर में 0.25% की कटौती की गई. कुल मिलाकर, मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी ने चार किस्तों में ब्याज दरों में 1.25% की कटौती की है.
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रिजर्व बैंक रेपो रेट क्यों बढ़ाता और घटाता है?
RBI Monetary Policy Meeting: किसी भी सेंट्रल बैंक के पास महंगाई से निपटने के लिए पॉलिसी रेट के रूप में एक शक्तिशाली हथियार होता है. जब महंगाई बहुत ज़्यादा होती है, तो सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट बढ़ाकर अर्थव्यवस्था में पैसे के फ्लो को कम करने की कोशिश करता है.
ज़्यादा पॉलिसी रेट होने से कमर्शियल बैंकों के लिए सेंट्रल बैंक से लोन लेना महंगा हो जाता है. इसके बदले में, बैंक अपने ग्राहकों के लिए लोन महंगा कर देते हैं. इससे अर्थव्यवस्था में पैसे का फ्लो कम हो जाता है. पैसे का फ्लो कम होने से डिमांड कम होती है और महंगाई घटती है.
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RBI Monetary Policy Meeting: इसी तरह, जब अर्थव्यवस्था मंदी से गुज़र रही होती है, तो रिकवरी के लिए पैसे का फ्लो बढ़ाने की जरूरत होती है. ऐसी स्थिति में, सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट कम कर देता है. इससे बैंकों के लिए सेंट्रल बैंक से लोन लेना सस्ता हो जाता है. ग्राहकों को भी सस्ते दरों पर लोन मिलते हैं. RBI की बैठकें हर दो महीने में होती हैं.
मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी में 6 सदस्य होते हैं. इनमें से तीन RBI के होते हैं, जबकि बाकी को केंद्र सरकार नियुक्त करती है. RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) हर दो महीने में मिलती है. भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल ही में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए MPC बैठकों का शेड्यूल जारी किया है. इस फाइनेंशियल ईयर में कुल छह मीटिंग तय हैं, और यह साल की आखिरी मीटिंग है. पहली मीटिंग 7 से 9 अप्रैल तक हुई थी.
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