Dharam Desk :- ज्योतिष में मंगल ग्रह को ऊर्जा, साहस, पराक्रम और इच्छाशक्ति का कारक मानते है।जब किसी इंसान की कुंडली के विशेष भावों में मंगल का प्रभाव अत्यधिक हो जाता है।तो इसे ‘मंगल दोष’ या ‘मांगलिक दोष’ कहते है। आम जनमानस में मंगल दोष को लेकर बहुत तरह की आशंका और भ्रम का वातावरण हैं। ज्योतिषाचार्यों और विशेषज्ञों के अनुसार मंगल दोष से घबराने के बजाय इसके लक्षणों को समझकर सही समय पर उपाय करना जीवन में सुख, शांति और संतुलन लाता है।

मंगल दोष के प्रमुख संकेत और प्रभाव

कुंडली में मंगल के प्रभाव से इंसान के स्वभाव और जीवन के अलग अलग क्षेत्रों में कुछ बदलाव दिखाई देने लगते हैं।

कुंडली के आधार पर इसके प्रमुख लक्षण

बात-बात पर गुस्सा आना

मंगल दोष से पीड़ित व्यक्ति में धैर्य की कमी और छोटी-छोटी बातों पर जल्दी गुस्सा या विवाद करने की आदत होती है।

दांपत्य जीवन में परेशानियां

विवाह में अकारण विलंब होना रिश्ता पक्का होने के बाद टूट जाना या विवाह हो जाना के बाद जीवनसाथी के साथ सामंजस्य की कमी और अनबन बनी रहना।

कामों का बार-बार अटक जाना
मेहनत करने के बावजूद बनते हुए कामों में अचानक रुकावट आना और सफलता में देरी होना।

धन-संपत्ति से जुड़ी परेशानियां
भूमि, मकान या वाहन के क्रय-विक्रय में परेशानियां आना अथवा संपत्ति को लेकर पारिवारिक विवाद होना।

स्वास्थ्य पर असर
अचानक चोट लगना, दुर्घटना का सामना करना या रक्त से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना।

    मंगल दोष से राहत के लिए अपनाएं ये सरल उपाय

    1. प्रत्येक मंगलवार को बजरंगबली की पूजा करें तथा हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का नियमित पाठ करें।
      2.मसूर की दाल, लाल कपड़े, गुड़ या तांबे के बर्तनों का किसी जरूरतमंद को दान करें।
      3.मंगलवार के दिन पीपल के पेड़ की जड़ में जल अर्पित करना शुभ माना जाता है।
      4.योग्य ज्योतिषीय सलाह के बाद ही लाल मूंगा धारण करें।
      5.अपने गुस्से पर नियंत्रण रखें दूसरों से मीठा बोलें और मन में सेवा भाव बनाए रखें।