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हेमन्त शर्मा,रायपुर. शिक्षाकर्मियों के संविलियन की घोषणा के बाद अब कर्मचारियों ने भी नियमितीकरण की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ संयुक्त प्रगतिशील कर्मचारी महासंघ द्वारा आज ईदगाह भाटा स्थित धरना स्थल पर एक दिवसीय धरना दिया गया. जिसमें प्रदेश के 22 विभाग के समस्त संविदा, दैनिक वेतनभोगी, आउट सोर्सिंग, अंशकालीन, मानदेय पर कार्यरत, कलेक्टर दर तथा राज्य और केंद्र की विभिन्ना योजनाओं में कार्य कर रहे अनियमित कर्मचारी-अधिकारियों शामिल हुए. इस दौरान इन कर्मचारियों ने एक विशाल रैली निकालकर अपनी मांगो को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन भी सौपा.
प्रदर्शन कर रहे इन कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि उनका नियमितीकरण किया जाय. अपनी इसी मांग को लेकर प्रदेश भर के करीब 15 हजार से ज्यादा कर्मचारी आज राजधानी में जमा हुए है. जिन्होंने जोरदार शक्ति प्रदर्शन करते हुए सरकार से नियमितीकरण किये जाने की मांग की है. साथ ही चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने दस दिनों के अंदर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो वे आने वाले समय में चरणबद्ध तरीके आंदोलन करेंगे.
गौरतलब है कि प्रदेश में वर्तमान में लगभग पौने दो लाख अनियमित कर्मचारी-अधिकारी कार्यरत हैं, जो राज्य सरकार कि प्रशासनिक व्यवस्था में समर्पित भाव से अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं, लेकिन वह नियमित कर्मचारियों से आधी से भी कम तनख्वाह में ही काम कर रहे हैं. ऐसे में न उन्हें सामाजिक सुरक्षा हासिल है न ही आर्थिक, जिससे कर्मचारियों में रोष व्याप्त है.