रांची। दीपावली और छठ महापर्व पर अपनों के बीच त्योहार मनाने की चाह रखने वालों को इस बार घर लौटने के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल है, तो दूसरी ओर हवाई किराये ने भी यात्रियों का बजट बिगाड़ दिया है। बेंगलुरु से रांची आने का एकतरफा विमान किराया करीब 31 हजार रुपये तक पहुंच गया है। मुंबई और दिल्ली से आने वाले यात्रियों को भी सामान्य दिनों की तुलना में तीन से चार गुना अधिक किराया चुकाना पड़ रहा है।
बेंगलुरु से रांची का टिकट 30,999 रुपये तक
सात नवंबर की यात्रा के लिए पूर्व में दर्ज किराये के अनुसार, बेंगलुरु से रांची का एकतरफा टिकट 30,999 रुपये तक पहुंच गया था। वहीं, मुंबई से रांची का किराया 26,693 रुपये और दिल्ली से 20,968 रुपये तक दर्ज किया गया। सामान्य दिनों में इन मार्गों पर शुरुआती किराया इससे काफी कम रहता है।
त्योहारी सीजन में किराये में इस उछाल की प्रमुख वजह यात्रियों की बढ़ती मांग और उपलब्ध सीटों के बीच अंतर है। दुर्गापूजा के बाद दीपावली और छठ मनाने के लिए बड़ी संख्या में लोग झारखंड लौट रहे हैं। खासकर बेंगलुरु, मुंबई, पुणे और दिल्ली से रांची आने वाली उड़ानों में यात्रियों का दबाव बढ़ गया है।
सीटें भरने के साथ बढ़ता जा रहा किराया
विमानन कंपनियां डायनेमिक प्राइसिंग प्रणाली के तहत टिकटों का किराया तय करती हैं। इस व्यवस्था में कम कीमत वाली सीटें बिक जाने के बाद अगली श्रेणी की सीटें अधिक किराये पर उपलब्ध होती हैं। त्योहारों के दौरान मांग तेजी से बढ़ने के कारण सस्ते टिकट जल्दी खत्म हो जाते हैं। ऐसे में अंतिम समय में टिकट बुक कराने वाले यात्रियों को ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ते हैं।
इसके अलावा विमान ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी और कुछ मार्गों पर सीधी उड़ानों के सीमित विकल्प भी किराये को प्रभावित कर रहे हैं। सीधी उड़ान उपलब्ध नहीं होने पर यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट का सहारा लेना पड़ता है, जिससे यात्रा का समय और खर्च दोनों बढ़ सकते हैं।
ट्रेन में कंफर्म टिकट नहीं, विमान का किराया बजट से बाहर
त्योहारी मौसम में घर लौटने वालों की मुश्किलें दोहरी हो गई हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना कठिन है, जबकि विमान का किराया आम यात्रियों की पहुंच से बाहर होता जा रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बेंगलुरु से रांची आने वाले चार सदस्यों के परिवार को प्रति टिकट करीब 30 हजार रुपये की दर से केवल एकतरफा यात्रा के लिए लगभग 1.20 लाख रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं।
प्रमुख मार्गों पर हवाई किराये में भारी उछाल
| मार्ग | शुरुआती किराया | त्योहारी किराया | वृद्धि |
|---|---|---|---|
| बेंगलुरु–रांची | ₹7,554 | ₹30,999 | 310% |
| मुंबई–रांची | ₹7,401 | ₹26,693 | 261% |
| दिल्ली–रांची | ₹6,413 | ₹20,968 | 227% |
अलग-अलग तारीखों पर रांची आने का दर्ज किराया
| शहर | यात्रा की तारीख | दर्ज किराया |
|---|---|---|
| मुंबई | 5 नवंबर | ₹21,600 |
| मुंबई | 6 नवंबर | ₹25,500 |
| पुणे | 6 नवंबर | ₹22,000 |
| बेंगलुरु | 6 नवंबर | ₹20,000 |
| पुणे | 7 नवंबर | ₹25,200 |
| बेंगलुरु | 7 नवंबर | ₹19,000 |
| हैदराबाद | 7 नवंबर | ₹18,500 |
| चेन्नई | 5 नवंबर | ₹14,500 |
त्योहार के दौरान बढ़ती मांग के बीच हवाई किराये में उछाल ने बाहर रहने वाले झारखंडवासियों के लिए घर वापसी को महंगा बना दिया है। ऐसे में यात्रियों को अब ट्रेन और विमान, दोनों के टिकट के लिए अधिक खर्च और सीमित विकल्पों के बीच फैसला करना पड़ रहा है।

