रीवा. मध्यप्रदेश के रीवा जिले के मनिका गांव में 6 साल का मासूम जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है. शुक्रवार को दोपहर करीब 3 बजे मयंक बोरबेल में गिर गया था. मयंक को बोरवेल से बाहर निकालने कल शाम 5 बजे से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है. इसी बीच आज प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला घटनास्थल पर पहुंचे. जहां उन्होंने बचाव अभियान की जानकारी ली. साथ ही मयंक के पिता से भी मिले.

घटना स्थल पहुंचे डिप्टी सीएम

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा, “हम लोग उम्मीद ही कर सकते हैं कि बच्चा हमारे बीच सकुशल वापस आ जाए. NDRF की टीम ने 45 फीट जमीन के अंदर खुदाई कर चुकी है. बोरवेल तक जाने के लिए जो 10 फीट खुदाई करनी थी उसमें आधी दूरी तय की जा चुकी है…कल शाम 4 बजे से पूरा जिला प्रशासन इस बचाव अभियान की निगरानी कर रहा है… मुख्यमंत्री भी लगातार फोन से संपर्क में हैं… 2 से 4 घंटे में बचाव कर लिया जाएगा.”

मयंक सुरक्षित बाहर निकले यही प्रार्थना

डिप्टी सीएम ने X पर लिखा, ”रीवा जिले के ग्राम मनिका में बालक मयंक के बोरवेल में गिर जाने का समाचार प्राप्त होने पर अभी कुछ देर पूर्व घटनास्थल पर पहुंचकर मामले का संज्ञान लिया. मासूम को सुरक्षित बाहर निकालने हेतु प्रयासरत प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से घटना की विस्तृत सूचना प्राप्त की. इस दौरान रीवा कलेक्टर, त्यौंथर विधायक एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे. मयंक सुरक्षित बाहर निकले यही हम सभी की ईश्वर से प्रार्थना है एवं प्रशासन और बचाव कार्य में लगे एनडीआरएफ के जवान इस दिशा में बेहद संवेदनशीलता के साथ कार्यरत हैं.”

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रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

बच्चे के बोरवेल में गिरने के बाद से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है. अब तक बच्चे का ना कोई लोकेशन मिला है, ना गहराई का अंदाजा, बस एक उम्मीद है कि मयंक को सही सलामत निकाला जाय. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के साथ पुलिस बल और पूरा जिला प्रशासन रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटा हुआ है.

सीए मोहन ने दिए निर्देश

बोरवेल में गिरे बच्चे के रेस्क्यू को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी निर्देश दिए हैं. सीएम ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा-रीवा जिले के मनिका गांव में मासूम बच्चे के बोरवेल में गिरने का समाचार दुःखद है. एसडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीम बच्चे को सकुशल बाहर निकालने के लिए प्रयासरत है. मैं भी लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हूं.

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गेहूं का बाली बीनने गया था मयंक

परिजनों का कहना है कि हमारा 5 साल का मयंक खेत में गेहूं की बालियां बीनने के लिए गया हुआ था, लेकिन खेत के किनारे खुले सूखे बोरवेल में वह गिर गया. मयंक के पिता मजदूरी का काम करते हैं और बेहद गरीब परिवार से हैं. मयंक के पिता ने बताया कि गांव वालों ने उसे निकालने की कोशिश की. जब नहीं निकला तो सरपंच के माध्यम से पुलिस को खबर दी. अपने लाल को संकट में देख मयंक की मां की स्थिति भी खराब हो गई है.

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