पटना। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संकुल प्रकोष्ठ के सह-संयोजक ऋतुराज सिन्हा ने हाल ही में आयोजित इंडी एलायंस की बैठक को लेकर विपक्ष पर कड़ा राजनीतिक प्रहार किया है। उन्होंने इस गठबंधन को जनता द्वारा नकारे गए और पराजित नेताओं का एक औपचारिक गेट-टुगेदर करार दिया है। सिन्हा के अनुसार, यह कुनबा पूरी तरह से नीति और विजन से विहीन है, जिसका देश के वास्तविक विकास या लोक-नीति से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है।

​कांग्रेस के डूबते जहाज और विफल नेतृत्व को संजीवनी

​भाजपा नेता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विपक्षी दलों की यह कवायद केवल कांग्रेस के डूबते हुए राजनीतिक जहाज को सहारा देने के लिए की जा रही है। इसके साथ ही, यह राहुल गांधी के विफल नेतृत्व को कृत्रिम राजनीतिक ऑक्सीजन देने की एक और हताश कोशिश मात्र है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब-जब चुनाव नजदीक आते हैं, यह गठबंधन जनता के बीच जाकर अपने काम का हिसाब देने के बजाय अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए नए बहाने तलाशने लगता है।

​संवैधानिक संस्थाओं और ईवीएम पर पूर्व-नियोजित रोना

​ऋतुराज सिन्हा ने विपक्ष की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की संवैधानिक ‘विशेष गहन संशोधन’ (SIR) प्रक्रिया और ईवीएम के खिलाफ पहले से ही रोना रोने की अग्रिम बुकिंग कर रखी है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा मान्य और स्थापित लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को बार-बार बदनाम करना अब इस विपक्षी गठबंधन का एक स्थायी राजनीतिक एजेंडा बन चुका है।

​तेजस्वी यादव पर सीधा निशाना और बिहार की सियासत

​इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव पर भी तीखा हमला बोला। सिन्हा ने कहा कि ‘भानुमति के इस कुनबे’ में शामिल तेजस्वी यादव खुद अपनी बची-खुची सियासी जमीन तलाशने में जुटे हैं। जिन नेताओं के पास अपने ही राज्य के विकास के लिए कोई ठोस विजन नहीं बचा है, वे आज दिल्ली में बैठकर देश सुधारने का ढोंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी की राजनीति केवल तुष्टिकरण के भरोसे टिकी है और यह बैठक बिहार में उनकी खिसकती हुई साख को बचाने का आखिरी प्रयास भर है।

​अवसरवादी राजनीति और मोदी का विकासवाद

​अपने बयान के अंत में ऋतुराज सिन्हा ने कहा कि न तो कांग्रेस के पास कोई स्पष्ट नीति है और न ही इंडी एलायंस में शामिल राजद जैसी क्षेत्रीय पार्टियों के पास कोई सही नीयत है। देश की जागरूक जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकासवाद के मॉडल को पूरी तरह से चुन चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता विपक्ष की इस नकारात्मक और अवसरवादी ‘बहानेबाजी की सियासत’ को सिरे से खारिज कर चुकी है और कभी भी इंडी एलायंस के इस डूबते जहाज पर भरोसा नहीं करेगी।