Bihar Politics: बिहार में इस साल विधानसभा का चुनाव होना है. चुनाव से पहले आज बुधवार की शाम 4 बजे नीतीश सरकार के कैबिनेट का विस्तार होने जा रहा है. सात विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है. सीएम नीतीश के मंत्रिमंडल विस्तार पर सियासत भी शुरू हो गई है. कांग्रेस और राजद के नेताओं ने इसपर प्रतिक्रिया देते हुए जदयू और बीजेपी पर हमला बोला है.

‘बीजेपी के सामने नीतीश नतमस्तक’

बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा कि, हम तो पहले ये मानते थे कि मंत्रिमंडल का विस्तार मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार होता है, लेकिन पहली बार ऐसा हो रहा है कि मंत्रिमंडल के विस्तार पर भाजपा का विशेषाधिकार है, सर्वाधिक मंत्री बीजेपी के होंगे. बीजेपी के लोग विभाग तय करेंगे. मुख्यमंत्री बस टुकर-टुकर देखते रहेंगे.

उन्होंने सवाल उठाया कि, आखिर मुख्यमंत्री क्यों बीजेपी के सामने नतमस्तक हैं? बीजेपी ने उनपर कब्जा कर रखा है या ईडी, सीबीआई और आईटी के डर से नीतीश कुमार मात्र मुख्यमंत्री के पद पर हैं? बीजेपी ने उनका विशेषाधिकार हनन करके कब्जा किया हुआ है.

राजद प्रवक्ता ने कही ये बात

वहीं, मंत्रिमंडल विस्तार पर राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि, बिहार में जो डबल इंजन की सरकार है, जिसमें चाहे जेडीयू हो या बीजेपी हो, इसके नेता सत्ता के स्वार्थ के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं. बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप कुमार जायसवाल ने मंत्रिमंडल से भी इस्तीफा दे दिया है. मंत्रिमंडल से इस्तीफा ये बताने के लिए काफी है कि बीजेपी के अंदर दवाब की राजनीति चल रही है अंदरखाने खेल चल रहा है. उस खेल का परिणाण स्पष्ट रूप से सामने आया है.

बीजेपी के अंदर खींचतान की स्थिति- राजद

एजाज अहमद ने आगे कहा कि, ये (दिलीप जायसवाल) बहाना बना रहे हैं कि एक व्यक्ति एक पद के आधार पर इस्तीफा दिया है. आप इतने दिनों से बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी थे और मंत्री भी थे तो क्यों पद पर थे? इससे स्पष्ट होता है कि कहीं न कहीं बीजेपी के अंदर खींचतान की स्थिति है उसी का परिणाम है दिलीप कुमार जायसवाल का इस्तीफा.

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