भुवनेश्वर: ओडिशा के महान नेता, स्वतंत्रता सेनानी और साहसी पायलट बीजू पटनायक की 110वीं जयंती पर गुरुवार को देश और प्रदेश ने उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया। उन्हें केवल एक राजनेता ही नहीं, बल्कि ऐसे दूरदर्शी नेता के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने जोखिम भरे मिशनों में विमान उड़ाए और अपने विचारों को धरातल पर उतारा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर संदेश साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने ओडिशा के विकास के प्रति बीजू पटनायक के समर्पण को याद किया। उन्होंने लिखा कि बीजू पटनायक ने ओडिशा की प्रगति को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई और उनका जुनून आज भी प्रेरणा देता है।
बीजू पटनायक के पुत्र और ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने उन्हें “जनता के नायक और ओडिशा का गौरव” बताते हुए श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि बीजू जनता दल का हर कार्यकर्ता ओडिशा की सेवा में उनके आदर्शों का पालन करता रहेगा। उनके अनुसार, सभी को साथ लेकर श्रेष्ठ ओडिशा बनाने का उनका सिद्धांत आज भी प्रेरणा का स्रोत है।
साहस और दूरदृष्टि से भरा रहा जीवन
1916 में जन्मे बीजू पटनायक का जीवन साहसिक मिशनों और दूरदर्शी फैसलों से भरा रहा। आजादी के बाद 1947 में, तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के आग्रह पर उन्होंने अपने डकोटा विमान से इंडोनेशिया के नेताओं सुतान सजरिर और मोहम्मद हट्टा को डच सेना से सुरक्षित निकालने का साहसिक मिशन पूरा किया। इस मिशन के बाद वे इंडोनेशिया में भी बेहद सम्मानित हुए और राष्ट्रपति सुकर्णो के साथ उनकी गहरी दोस्ती रही।
उन्होंने कश्मीर संघर्ष के दौरान भारतीय सैनिकों के एयरलिफ्ट में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, साथ ही बांग्लादेश की आजादी के संघर्ष में भी सहयोग किया और विश्व युध्द II के दौरान खुफिया मिशनों में भी उड़ान भरी।
मुख्यमंत्री रहते हुए बदली ओडिशा की तस्वीर
बीजू पटनायक दो बार (1961-63 और 1990-95) ओडिशा के मुख्यमंत्री रहे। उनके कार्यकाल में पारादीप बंदरगाह, हीराकुड बांध और बीजू पटनायक अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को गति मिली।
इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रीय एल्युमीनियम कंपनी, ओडिशा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और सैनिक स्कूल जैसे संस्थानों की स्थापना कर औद्योगिक और शैक्षणिक विकास की मजबूत नींव रखी।

1991 में उनके द्वारा किए गए पंचायती राज सुधारों के तहत स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू किया गया, जिसे बाद में पूरे देश में लागू किया गया। आज भी बीजू पटनायक को उस साहसी पायलट के रूप में याद किया जाता है, जिसने साहस और दूरदृष्टि के साथ ओडिशा के विकास की मजबूत नींव रखी और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहे।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गुरुवार को कहा कि उनकी सरकार ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक के महान नेता के सपनों को पूरा करने के लिए काम करेगी। राज्य विधानसभा परिसर में बीजू पटनायक की मूर्ति पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद उन्होंने मीडिया से कहा, “बीजू बाबू ने जीवन भर अपने आत्म-सम्मान, ओडिशा के गौरव और देश की गरिमा के लिए संघर्ष किया। बीजू बाबू ने ओडिशा के लिए कई सपने देखे। हमारी सरकार उन सपनों को पूरा करने के लिए काम करेगी।”
बीजू जनता दल (BJD) ने भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पटनायक को “ओडिशा का एक साहसी बेटा बताया, जिन्होंने अपना जीवन देश और राज्य की सेवा में समर्पित कर दिया।” आज, उस “साहसी पायलट” को श्रद्धांजलि दी जा रही है, जिन्होंने साहस के साथ दूरदृष्टि का मेल किया और अपने पीछे एक ऐसी विरासत छोड़ गए जो आज भी ओडिशा की पहचान बताती है।
- बक्सर में गर्मी का कहर, बिहार के 10 जिलों में रेड अलर्ट, घर से निकलना हुआ जानलेवा!
- Ayodhya Ramlala Aarti Live Darshan 23 April : श्री रामलला सरकार का दिव्य श्रृंगार, यहां कीजिए अलौकिक दर्शन
- Bengal Election 2026 Phase-1 Voting: बंगाल में पहले चरण में 152 सीटों पर वोटिंग शुरू, पहली बार हर बूथ की रिकॉर्डिंग हो रही, पीएम मोदी ने खास अपील
- 23 अप्रैल महाकाल भस्म आरती: भांग-चंदन और आभूषणों से श्रृंगार, यहां कीजिए बाबा महाकालेश्वर के दर्शन
- CG Weather Update : प्रदेश में फिर बढ़ेगा पारा, 26 तक लू जैसे हालात के आसार

