कुंदन कुमार, पटना‌। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को बिहार राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. अमरदीप और महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने जमुई यौन उत्पीड़न मामले की एक नाबालिग पीड़िता की तस्वीर मुख्यमंत्री द्वारा अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स (फेसबुक, थ्रेड और एक्स) पर साझा किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई और उनके विरुद्ध पॉक्सो एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।

​ज्ञापन में गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग

​आयोग को सौंपे गए ज्ञापन में इस बात पर गहरा रोष व्यक्त किया गया कि जमुई जिले की इस बहुचर्चित घटना की पीड़िता की पहचान उजागर होने के बावजूद बिहार पुलिस और संबंधित विधि नियामक एजेंसियों ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
​प्रतिनिधिमंडल ने सवाल उठाया कि यदि संवैधानिक पद पर बैठे सर्वोच्च जिम्मेदार व्यक्ति द्वारा ही खुलेआम कानूनों की धज्जियां उड़ाई जाएंगी, तो आम नागरिकों के लिए ऐसे कानूनों का क्या औचित्य रह जाएगा? खास बात यह है कि पूरे देश में इस कृत्य की तीखी आलोचना होने के बावजूद अब तक मुख्यमंत्री की ओर से कोई खेद प्रकट नहीं किया गया है।
​ज्ञापन के माध्यम से प्रमुख कानूनों और धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की गई है:

  • ​पॉक्सो अधिनियम, 2012 की धारा 23(2) और 23(4)
  • ​किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 74(1) और 74(3)
  • ​भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 72(1)

​सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला

​आरजेडी प्रतिनिधिमंडल ने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का हवाला देते हुए अपनी बात को और मजबूत किया। उन्होंने याद दिलाया कि ‘निपुण सक्सेना बनाम भारत संघ’ (रिट याचिका सिविल संख्या 565/2012, दिनांक 05.12.2018) के फैसले में सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि पॉक्सो एक्ट या किसी भी अन्य यौन उत्पीड़न की पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली कोई भी जानकारी जैसे नाम, पता, फोटो या अन्य विवरण प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक या सोशल मीडिया पर किसी भी सूरत में साझा नहीं की जा सकती। यदि कोई भी व्यक्ति इस नियम का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कानून सम्मत धाराओं में सख्त कानूनी कार्रवाई अनिवार्य है।

​दोनों आयोगों में शामिल प्रमुख प्रतिनिधि

​बाल अधिकार संरक्षण आयोग से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख रूप से पूर्व विधायक डॉ. अनवर आलम और डॉ. एज्या यादव के अलावा चित्तरंजन गगन, डॉ. चक्रपाणि हिमांशु, मदन शर्मा और निर्भय अंबेडकर शामिल थे। वहीं, महिला आयोग के समक्ष अपनी बात रखने वाले प्रतिनिधिमंडल में मधु मंजरी, आभा लता, प्रो. गीता यादव, रबिया खातून, सुनीता कुशवाहा, विजय लक्ष्मी, प्रभावती देवी मांझी और अर्चना कुमारी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।