कुंदन कुमार/पटना। बिहार की राजनीति में बयानों के तीर एक बार फिर तेज हो गए हैं। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रवक्ता एजाज अहमद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कार्यशैली और उनकी हालिया राजनीतिक दिशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री को भारतीय जनता पार्टी (BJP) और आरएसएस (RSS) की विचारधारा के आगे नतमस्तक बताया है।

​ईदगाह न जाने पर उठाए सवाल

​एजाज अहमद ने कहा कि नीतीश कुमार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सालों से यह परंपरा रही है कि मुख्यमंत्री ईद के मौके पर गांधी मैदान स्थित ईदगाह जाकर मुस्लिम भाइयों से मिलते थे। अहमद ने सवाल उठाया, नीतीश कुमार इस बार गांधी मैदान क्यों नहीं गए? आखिर क्या कारण है कि उन्होंने इस पुरानी परंपरा को तोड़ दिया? जदयू के नेताओं को जनता के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए।

​RSS के रंग में रंगे मुख्यमंत्री?

​राजद प्रवक्ता ने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि नीतीश कुमार अब पूरी तरह भाजपा और आरएसएस के विचारों से प्रभावित हो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अब मुख्यमंत्री को अल्पसंख्यक समुदाय के बीच जाने से भी परहेज होने लगा है। अहमद के अनुसार, यह इस बात का संकेत है कि नीतीश कुमार ने अपनी धर्मनिरपेक्ष छवि को तिलांजलि देकर अपनी राजनीति भाजपा को समर्पित कर दी है।

​भूंजा पार्टी और सत्ता का अंत

​भूंजा पार्टी के बहाने कटाक्ष करते हुए एजाज अहमद ने कहा कि वहां जिस तरह की स्थितियां पैदा की गई हैं, उससे साफ है कि नीतीश कुमार अब बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में केवल कुछ ही दिनों के मेहमान हैं। उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम भाइयों के प्रति नीतीश कुमार का प्रेम महज एक दिखावा था, जिसकी पोल अब खुल चुकी है। राजद का मानना है कि अपनी पार्टी का अस्तित्व भाजपा के हाथों गिरवी रखकर नीतीश ने बिहार के अल्पसंख्यकों के भरोसे को तोड़ा है।