कुंदन कुमार, पटना। बिहार की राजनीति में इन दिनों कानून व्यवस्था और पुलिस एनकाउंटर को लेकर सरगर्मी काफी तेज हो गई है। हाल ही में राज्य पुलिस द्वारा किए गए कुछ एनकाउंटरों के बाद विपक्षी दल लगातार सरकार पर हमलावर हैं। इसी क्रम में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र ने मौजूदा सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि राज्य में अब न्याय व्यवस्था और पुलिस प्रशासन चुनिंदा लोगों को निशाना बना रहा है।

​साधारण नागरिकों को अपराधी घोषित करने का गंभीर आरोप

​राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने हाल ही में पुलिस द्वारा किए गए तीन एनकाउंटर पर अपनी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि पुलिस प्रशासन सरकार के इशारे पर काम कर रहा है। सरकार और पुलिस पर सीधा आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में कुख्यात अपराधियों को जेल से बाहर निकाला जा रहा है, जबकि दूसरी तरफ सीधे-साधे और साधारण लोगों को झूठे मामलों में अपराधी घोषित करके उनका एनकाउंटर किया जा रहा है। उनके अनुसार, यह कार्रवाई न्याय के सिद्धांतों के पूरी तरह खिलाफ है और इससे आम जनता के मन में डर का माहौल बन रहा है।

​जाति और धर्म देखकर कार्रवाई करने का आरोप

​भाई वीरेंद्र ने अपने बयान में सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में पुलिस प्रशासन पूरी तरह पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रहा है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस द्वारा की जाने वाली अधिकांश कार्रवाइयों में जाति और धर्म को आधार बनाया जा रहा है। विशेष तौर पर राजद विधायक ने कहा कि बिहार में यादव और मुस्लिम समुदायों के लोगों को ही सबसे ज्यादा टारगेट किया जा रहा है और उन्हीं पर सबसे अधिक कार्रवाई हो रही है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि एक खास वर्ग और समुदाय के लोगों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है, जो किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए कतई उचित नहीं है।

​अपराधियों को सत्ता का संरक्षण और न्याय व्यवस्था पर सवाल

​राजद विधायक ने मौजूदा राजनीतिक माहौल पर चिंता जताते हुए कहा कि बिहार में अपराधियों को सत्ता का खुला संरक्षण मिल रहा है। जब सरकार और प्रशासन ही अपराधियों को बचाने का काम करने लगे, तो आम जनता की सुरक्षा भगवान भरोसे रह जाती है। भाई वीरेंद्र ने यह भी कहा कि राज्य में जिस प्रकार का भय और दमन का माहौल बना है, उसके बाद अब कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां से आम लोगों का न्याय व्यवस्था से भी भरोसा उठने लगा है। उन्होंने अंत में चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि सरकार और प्रशासन ने अपनी इस तानाशाही और पक्षपातपूर्ण रवैये में सुधार नहीं किया, तो जनता इसका करारा जवाब देगी।