कुंदन कुमार, पटना। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) द्वारा बाहुबली और पूर्व विधायक अनंत सिंह को पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए जेडीयू नेतृत्व पर कड़े प्रहार किए हैं। उन्होंने दावा किया है कि अनंत सिंह के निष्कासन के बाद से जेडीयू के भीतर असंतोष की आग सुलग उठी है और आने वाले कुछ ही दिनों में पार्टी का आंतरिक संकट और अधिक गहरा जाएगा।
अनंत सिंह के निष्कासन पर राजद का तंज
राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने एक बयान में कहा कि नीतीश कुमार का लंबे समय तक साथ निभाने और उनके एक इशारे पर गंभीर मामलों में कदम उठाने वाले समर्पित नेताओं व समर्थकों को इस तरह दरकिनार करना पूरी तरह से अनुचित है। उन्होंने कहा कि जो लोग पार्टी के प्रति वफादार रहे और नीतीश कुमार को अपना सर्वमान्य नेता मानते आए हैं, उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाना जेडीयू की राजनीतिक कमजोरी को उजागर करता है। शक्ति सिंह यादव ने तंज कसते हुए कहा कि जेडीयू के भीतर अब भयंकर आग लग चुकी है और यह आग धीरे-धीरे पार्टी के अस्तित्व को ही समाप्त कर देगी।
केंद्रीय मंत्री पद की जंग और आंतरिक कलह
राजद प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि जेडीयू के अंदर पहले से ही केंद्रीय मंत्री बनने और मलाईदार पदों को हासिल करने की अंदरूनी जंग चल रही थी। अब अनंत सिंह के निष्कासन के बाद यह गुटबाजी और सत्ता की महत्वाकांक्षाएं और अधिक जोर पकड़ेंगी। पार्टी के भीतर चल रही इस खींचतान से जेडीयू का संगठन कमजोर होगा और कई अन्य नेता भी बगावत का रुख अपना सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के फैसलों से न केवल पार्टी की छवि धूमिल हो रही है, बल्कि कार्यकर्ताओं का मनोबल भी टूट रहा है, जिसका सीधा फायदा विपक्षी दलों को मिलना तय है।
राजनीतिक जानकारों का भी मानना है कि बिहार के वर्तमान राजनीतिक समीकरणों के बीच जेडीयू का यह कदम पार्टी के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। आने वाले समय में देखना यह होगा कि जेडीयू इस आंतरिक असंतोष और बगावत के सुरों से कैसे निपटती है।

