Bihar News: मोकामा विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को जदयू से निष्कासित किए जाने पर राजद की प्रतिक्रिया सामने आई है। राजद ने बिना अनंत सिंह का नाम लिए कहा है कि गद्दारों को कर्मों की सजा मिल रही है। दरअसल साल 2024 में एनडीए की सरकार के बहुमत परीक्षण के दौरान अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी, जो उस समय राजद से विधायक थीं, उन्होंने राजद का साथ देने की बजाय नीतीश (एनडीए) का साथ दिया था। वहीं, अब जदयू ने जब अनंत सिंह और नीलम देवी को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया है, तो राजद ने बिना नाम लिया उनपर तंज कसा है।

गद्दारों को मिल रही है कर्मों की सजा- राजद

राजद ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, गद्दारों को कर्मों की सजा मिल रही है। पोस्ट में लिखा गया है कि, हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सत्ता के लिए कभी किसी का अहित नहीं किया, अनैतिकता को कभी स्वीकार नहीं किया, जेल जाना मंजूर किया, मीडिया ट्राइल फेस किया, सरकार गई लेकिन कभी किसी का बुरा नहीं किया इसलिए तमाम साजिशों के बावजूद उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाया।

तीनों बिलबिला रहे है- राजद

पोस्ट में आगे लिखा गया है, तेजस्वी ने तीनों गद्दारों को विधानसभा में पानी-पानी करते हुए इनका भविष्य देखते हुए बहुत ही विनम्रता के साथ इन्हें समय का तकाजा याद दिलाया था। 2024 विश्वास मत में राजद के साथ विश्वासघात करने वाले तीनों गद्दारों की सजा का अभी एक चक्र ही पूरा हुआ है। तीनों अपने परिजनों संग अपने अपने तरीके से बिलबिला रहे है। गद्दारी करने और कराने वाले दोनों ही बेहाल है। जिसने गठबंधन तोड़ा, जिन्होंने तुड़वाया और जिनकी सरकार बचाई आज वो किस हाल में है? कहाँ है, सब जानते है? सोचिए? बुरे कर्म का बुरा नतीजा। ईश्वर की लाठी में आवाज नहीं होती।

जानें क्या है पूरा मामला?

दरअसल, 12 फरवरी 2024 को बिहार विधानसभा में हुए फ्लोर टेस्ट के दौरान मोकामा से राजद की तत्कालीन विधायक और अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ जाकर नीतीश कुमार की एनडीए सरकार का समर्थन किया था। साल 2022 में राजद के टिकट पर मोकामा उपचुनाव जीतने वाली नीलम देवी ने फ्लोर टेस्ट से ठीक पहले विपक्ष की बेंच छोड़ दी और सत्ता पक्ष के खेमे में जाकर बैठ गईं। बाद में उन्होंने सरकार के पक्ष में मतदान भी किया। इस दौरान राजद के दो अन्य विधायक चेतन आनंद और प्रह्लाद यादव ने भी पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाया था। तीनों विधायकों के इस कदम पर तेजस्वी यादव ने सदन में नीलम देवी को संबोधित करते हुए कहा था, ‘बात बने या ना बने, बाद में जरूर याद करिएगा।’

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