पटना। ​नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) द्वारा बाहुबली अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी पर बड़ी कार्रवाई किए जाने के बाद, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने इसे लेकर जोरदार पलटवार किया है। आरजेडी ने उस वाकये की याद दिलाई है जब 12 फरवरी 2024 को नीतीश सरकार के फ्लोर टेस्ट के दौरान पार्टी के तीन विधायकों ने बगावत कर एनडीए का दामन थाम लिया था।

​ईश्वर की लाठी में आवाज नहीं होती

​आरजेडी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर धारदार पोस्ट करते हुए लिखा कि ईश्वर की लाठी में आवाज नहीं होती और बुरे कर्मों का नतीजा हमेशा बुरा ही होता है। पार्टी ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सत्ता के लिए कभी किसी का अहित नहीं किया और अनैतिकता को अस्वीकार किया। लालू यादव ने जेल जाना और मीडिया ट्रायल सहना मंजूर किया, लेकिन कभी किसी का बुरा नहीं चाहा। यही वजह है कि तमाम साजिशों के बावजूद कोई उनका कुछ नहीं बिगाड़ सका। तेजस्वी यादव ने विधानसभा में इन तीनों विधायकों को समय का तकाजा बहुत विनम्रता से याद दिलाया था।

​तीनों बागी नेताओं और उनके परिवारों का हाल बेहाल

​आरजेडी ने तंज कसते हुए कहा कि 2024 के विश्वास मत में पार्टी के साथ गद्दारी करने वाले तीनों विधायकों की सजा का अभी एक चक्र ही पूरा हुआ है और वे अपने परिजनों के साथ बिलबिला रहे हैं।

  • ​नीलम देवी को पति के कारण मिली सजा: जेडीयू ने अनंत सिंह के साथ उनकी पत्नी नीलम देवी को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया है। अनंत सिंह के बड़बोलेपन की सजा उनकी पत्नी को भुगतनी पड़ी है, और अब अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता खत्म करने की भी तैयारी चल रही है।
  • ​आनंद मोहन की ख्वाहिशें अधूरी: आनंद मोहन अपने बेटे चेतन आनंद को बिहार सरकार में मंत्री और पत्नी लवली आनंद (शिवहर सांसद) को केंद्र में मंत्री बनवाने के लिए पुरजोर कोशिश करते रहे, लेकिन सरकार के खिलाफ बार-बार बयानबाजी का उन्हें कोई लाभ नहीं मिला।
  • ​प्रह्लाद यादव का कटा टिकट: सूर्यगढ़ा से विधायक रहे प्रह्लाद यादव ने बगावत कर नीतीश का साथ दिया था, यह उम्मीद करते हुए कि 2025 में उन्हें जेडीयू से टिकट मिलेगा। हालांकि, पार्टी ने उनके स्थान पर रामानंद मंडल को उम्मीदवार बना दिया। आरजेडी का इशारा है कि बीजेपी और जेडीयू ने जरूरत के वक्त इनका इस्तेमाल किया और अब दरकिनार कर दिया है।