अनिल मालवीय, इछावर। मध्यप्रदेश के पुराने इंदौर भोपाल हाइवे स्थित श्री सत्य साईं यूनिवर्सिटी में फर्जी डिग्रियों का एक बडा घोटाला उजागर हुआ है। यहां पर बैक डेट में करीब 67 बीपीएड डिग्रियां बनाई गई और राजस्थान में शारीरिक शिक्षक भर्ती परीक्षा में अभ्यार्थियों ने इन फर्जी डिग्रीयों के माध्यम से नौकरी हासिल की। इस मामले में राजस्थान की एसओजी टीम ने बुधवार शाम को सीहोर की साईं यूनिवर्सिटी में दबिश थी। टीम ने देर रात तक यहां दस्तावेज खंगाले थे। टीम ने हार्ड डिस्क और मार्कशीट के दस्तावेज जब्त किए हैं।

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राजस्थान में फर्जी डिग्रियों को लेकर 5 FIR दर्ज

गुरूवार और शुक्रवार को भी टीम ने यहां पर जांच की। टीम के सदस्य राजस्थान पुलिस के एडिशनल एसपी राजेश मेश्राम ने बताया कि जांच के दौरान कई संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं। टीम कड़ी से कड़ी मिलाकर जांच कर रही है। राजस्थान में फर्जी डिग्रियों को लेकर पांच एफआईआर दर्ज हैं। तीन दिन जांच के बाद टीम शुक्रवार रात को लौट गई।

सत्य साईं यूनिवर्सिटी में छापाः राजस्थान शिक्षा विभाग की टीम पहुंची, PTI भर्ती में 67 अभ्यर्थियों की फर्जी डिग्री

यह था पूरा मामला
राजस्थान में वर्ष 2020 की सहायक शिक्षक भर्ती में शामिल 67 अभ्यर्थियों की डिग्रियां फर्जी पाई गई हैं। केस की जांच कर रहे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश मेश्राम (राजस्थान SOG) ने कहा कि सत्य साईं यूनिवर्सिटी द्वारा डिग्रियां बैक डेट में तैयार की गईं, जिन्हें PTI भर्ती में उपयोग किया गया। बीपीएड की मार्कशीट बैक डेट में बनाई गई। यूनिवर्सिटी द्वारा दिए गए रिकॉर्ड और दस्तावेज आपस में मिसमैच पाए गए। राजस्थान सरकार ने कई बार रिकॉर्ड मांगे, लेकिन यूनिवर्सिटी ने उपलब्ध नहीं कराए।

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