हेमंत शर्मा, इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर की सड़कों पर लगातार सामने आ रही सड़क धंसने की घटनाओं ने अब नगर निगम की सड़क और ड्रेनेज व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गाड़ी अड्डा, पंढरीनाथ, विजय नगर और जूनी इंदौर के बाद अब परदेशीपुरा रोड नंबर-3 पर सड़क धंसने की घटना सामने आई है।खास बात यह है कि सड़क ड्रेनेज लाइन के पास धंसी है, जिसके बाद निर्माण की गुणवत्ता से लेकर जमीन के नीचे बिछाई गई ड्रेनेज लाइन और उसके आसपास किए गए भराव तक पर सवाल उठने लगे हैं।

जहां सड़क होनी थी मजबूत, वहीं जमीन धंस गई

परदेशीपुरा की रोड नंबर-3 पर सड़क का हिस्सा अचानक धंसने के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता है। सड़क के नीचे आखिर ऐसा क्या हुआ कि ऊपर की मजबूत दिखाई देने वाली सड़क जमीन में धंस गई?क्या ड्रेनेज लाइन के आसपास पर्याप्त भराव और दबाव की जांच हुई थी?

क्या सड़क निर्माण के बाद गुणवत्ता की जांच की गई?

और अगर जांच हुई थी, तो कुछ समय बाद सड़क धंसने की नौबत आखिर क्यों आई?इन सवालों का जवाब अब नगर निगम को देना होगा।एक सड़क नहीं, लगातार सामने आ रही घटनाएं परदेशीपुरा में सड़क धंसने की यह घटना कोई अकेली तस्वीर नहीं है। शहर के अलग-अलग हिस्सों से लगातार सड़क धंसने की घटनाएं सामने आती रही हैं।

गाड़ी अड्डा…

पंढरीनाथ…

विजय नगर…

जूनी इंदौर…

और अब परदेशीपुरा।

एक के बाद एक सामने आ रही इन घटनाओं ने शहर की सड़कों के निर्माण और रखरखाव पर बहस छेड़ दी है।

ड्रेनेज लाइन के पास धंसी सड़क ने बढ़ाई चिंता

परदेशीपुरा की घटना में सड़क के धंसने की जगह ड्रेनेज लाइन के आसपास बताई जा रही है। ऐसे में सवाल सिर्फ सड़क की ऊपरी परत का नहीं, बल्कि अंडरग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर का भी है।अगर ड्रेनेज लाइन के आसपास मिट्टी का सही तरीके से भराव और कॉम्पैक्शन नहीं किया गया, तो सड़क पर वाहनों का दबाव पड़ने के बाद जमीन बैठ सकती है।लेकिन इसकी वास्तविक वजह क्या है, यह तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

नगर निगम के साथ ठेकेदारों की जवाबदेही भी तय होगी?

लगातार सड़क धंसने की घटनाओं के बीच सबसे बड़ा सवाल जवाबदेही का है।

सड़क निर्माण किस एजेंसी ने किया?

ड्रेनेज लाइन का काम किस ठेकेदार ने किया?

काम के दौरान तकनीकी मानकों का पालन हुआ या नहीं?

निर्माण पूरा होने के बाद गुणवत्ता की जांच किस अधिकारी ने की?

और अगर सड़क निर्माण में कोई खामी थी तो भुगतान से पहले उसकी जांच क्यों नहीं हुई?

अगर जांच में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारी और ठेकेदार पर कार्रवाई की जाएगी या फिर हर बार की तरह सड़क की मरम्मत कर मामले को खत्म कर दिया जाएगा?

इंदौर की सड़कों पर बढ़ता सवाल

इंदौर को देश में स्वच्छता के लिए पहचान मिली है, लेकिन अब शहर में बार-बार सामने आ रही सड़क धंसने की घटनाएं सड़क निर्माण की गुणवत्ता और भूमिगत ड्रेनेज नेटवर्क की मजबूती पर सवाल खड़े कर रही हैं। सवाल यह नहीं है कि धंसी हुई सड़क को कितनी जल्दी भर दिया जाएगा।

सवाल यह है कि सड़क धंसी क्यों?

क्योंकि अगर कारण नहीं खोजा गया और सिर्फ गड्ढा भरकर सड़क को फिर से खोल दिया गया, तो अगली बारिश या भारी दबाव के बाद वही कहानी किसी दूसरे हिस्से में दोहराई जा सकती है।परदेशीपुरा की धंसी सड़क अब नगर निगम के सामने सिर्फ एक गड्ढा नहीं, बल्कि सड़क निर्माण, ड्रेनेज व्यवस्था और गुणवत्ता नियंत्रण की पूरी परीक्षा बन गई है।आखिर इंदौर की सड़कों की जिम्मेदारी किसकी है.

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