अविनाश श्रीवास्तव, सासाराम। भोजपुर के बिलौटी में हुए चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में अब नया मोड़ आ गया है। मृतक भरत तिवारी की माता आशा देवी अपने अधिवक्ताओं (वकीलों) के दल के साथ शाहाबाद रेंज के डीआईजी डॉ. सत्य प्रकाश से मिलने उनके कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने डीआईजी से मिलकर इस हाई-प्रोफाइल मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय की गुहार लगाई है।

​न्याय प्रक्रिया में सुस्ती पर जताई गंभीर नाराजगी

​मुलाकात के दौरान मृतक की मां आशा देवी ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर कड़ा सवाल उठाया है। उनका स्पष्ट आरोप है कि न्याय प्रक्रिया में काफी ज्यादा विलंब किया जा रहा है। मामले में एफआईआर दर्ज होने और इक्का-दुक्का लोगों की गिरफ्तारी के बाद अब इस पूरे प्रकरण को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश की जा रही है।
​उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस एनकाउंटर मामले में केवल तात्कालिक थानाध्यक्ष ही नहीं, बल्कि कई अन्य पुलिस अधिकारी भी सीधे तौर पर दोषी हैं। बावजूद इसके, जांच की गति बेहद धीमी है और कई प्रमुख आरोपी अभी भी कानून की गिरफ्त से दूर खुलेआम घूम रहे हैं। पीड़ित परिवार का मानना है कि आरोपियों की समय पर गिरफ्तारी न होने से न केवल जांच प्रभावित होगी, बल्कि गवाहों और सबूतों के साथ छेड़छाड़ का भी खतरा बना हुआ है।

​वकीलों ने की डीआईजी से कार्रवाई की मांग

​मृतक के साथ डीआईजी कार्यालय पहुंचे वकीलों ने मीडिया से बातचीत करते हुए इस पूरे प्रकरण को बेहद संवेदनशील बताया। वकीलों का कहना है कि वे इसी सिलसिले में डीआईजी से विशेष रूप से मिलने आए थे ताकि मामले की जांच प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। उन्होंने मांग की है कि फरार चल रहे सभी पुलिस कर्मियों और अन्य आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए, जिससे पीड़ित परिवार को समय पर और सही न्याय मिल सके।
​शाहाबाद रेंज के डीआईजी से मुलाकात के बाद अब यह उम्मीद जताई जा रही है कि इस मामले की सुस्त पड़ी जांच में तेजी आएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।