RPSC Paper Leak मामले में निलंबित सदस्य बाबूलाल कटारा का कार्यकाल पूरा हो गया है। वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा 2022 के सामान्य ज्ञान पेपर लीक मामले में गिरफ्तार होने के बाद कटारा को राज्यपाल के आदेश पर निलंबित किया गया था। उन्होंने अपने कार्यकाल का शेष समय निलंबन में बिताया और इस दौरान उन्हें वेतन भी नहीं मिला। कार्यकाल समाप्त होने के बाद आयोग की वेबसाइट से उनकी तस्वीर हटा दी गई है। अब आयोग में चार सदस्य पद रिक्त बताए गए हैं।

पेपर लीक मामले में 2023 में हुई थी गिरफ्तारी

बाबूलाल कटारा को 18 अप्रैल 2023 को वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा 2022 के सामान्य ज्ञान विषय का पेपर लीक होने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इस प्रकरण में उनके ड्राइवर गोपाल सिंह और विजय कटारा को भी गिरफ्तार किया गया था। विशेष अभियान समूह (SOG) की जांच में पेपर लीक मामले में कटारा की भूमिका सामने आने की बात कही गई थी। इसके बाद उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा 2021 के पेपर लीक मामले में भी उनकी भूमिका सामने आई थी।

निलंबन में बीता कार्यकाल का शेष समय

राज्यपाल के आदेश पर 26 जनवरी 2026 को बाबूलाल कटारा को निलंबित किया गया था। इसके बाद उन्होंने कार्यकाल समाप्त होने तक निलंबन की स्थिति में ही समय बिताया। इस दौरान उन्हें वेतन नहीं मिला। आयोग के सदस्यों का मासिक वेतन करीब 2.25 लाख रुपये बताया गया है। कटारा का कार्यकाल पूरा होने के साथ ही आयोग की आधिकारिक वेबसाइट से उनकी तस्वीर भी हटा दी गई है।

RPSC में अब चार सदस्य पद रिक्त

बाबूलाल कटारा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद आयोग में सदस्यों के चार पद खाली बताए गए हैं। आयोग में कुल 10 सदस्य पद हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्तमान में अध्यक्ष के साथ सदस्य लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह राठौड़, डॉ. अयूब खान, सुशील कुमार बिसु, हेमंत प्रियदर्शी, दीपक कुमार शर्मा और संतोष आनंद आयोग में हैं। कटारा का कार्यकाल पूरा होने के बाद आयोग में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया और नियुक्तियों पर आगे की स्थिति महत्वपूर्ण रहेगी।

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