रायपुर। राजधानी रायपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में कपड़ा कारोबारी के 53 लाख रुपये से भरे बैग की उठाईगिरी के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान मनीष यदु (39) और कमलेश कुशवाहा (36) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 53 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल पल्सर मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के तीन बैंक खाते भी फ्रीज कराए हैं। पूरा मामला कटोरा तालाब स्थित संत कंवर राम चौक के पास का है।

पुलिस के मुताबिक, शैलेंद्र नगर निवासी किशोर बलवानी की पंडरी कपड़ा मार्केट में रेडीमेड कपड़ों की दुकान है। 9 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 11:40 बजे वह अपनी एक्टिवा से दुकान जाने के लिए घर से निकला था। उसके वाहन के सामने वाले पायदान पर सफेद कपड़े के बैग में नकदी रखी हुई थी। करीब 11:45 बजे वह कटोरा तालाब स्थित संत कंवर राम चौक के पास अप्पू पान ठेला के सामने अपनी एक्टिवा खड़ी कर पान खाने चला गया। कुछ देर बाद जब वह वापस लौटा तो वाहन के पायदान पर रखा नकदी से भरा बैग गायब था। अज्ञात आरोपी बैग सहित नकदी चोरी कर फरार हो चुके थे। पीड़ित की शिकायत पर सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

एक सप्ताह तक की रेकी, फिर मौका देखकर उड़ाई रकम

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त तारकेश्वर पटेल के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा सिविल लाइन थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वारदात से पहले करीब एक सप्ताह तक कारोबारी की रेकी की थी। वे उसके घर से दुकान आने-जाने के समय और रोजमर्रा की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। 9 अक्टूबर को कारोबारी के घर से निकलते ही दोनों ने उसका पीछा किया और कटोरा तालाब के पास मौका मिलते ही नकदी से भरा बैग लेकर फरार हो गए।

हजारों CCTV कैमरों के फुटेज खंगालकर आरोपियों तक पहुंची पुलिस

वारदात के बाद पुलिस ने घटना स्थल और आरोपियों के संभावित भागने के रास्तों पर लगे हजारों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज में बिना नंबर प्लेट की पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध दिखाई दिए। पुलिस ने एक कैमरे से दूसरे कैमरे के फुटेज का क्रमवार विश्लेषण कर आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया। जांच में सामने आया कि आरोपी पहचान छिपाने के लिए बार-बार कपड़े बदल रहे थे और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी से बचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल कर रहे थे।

तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर पुलिस ने दोनों संदिग्धों की पहचान मनीष यदु और कमलेश कुशवाहा के रूप में की। इसके बाद दोनों को पकड़कर पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया।

गीजर, टीवी के पीछे और बच्चों के खिलौनों में छिपाए थे रुपये

पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपियों ने चोरी की रकम को अपने घर में अलग-अलग जगहों पर छिपा दिया था। नकदी का एक हिस्सा गीजर के अंदर, टीवी के पीछे और बच्चों के खिलौनों में रखा गया था। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने कुल 53 लाख रुपये नकद बरामद किए। जांच में यह भी पता चला कि चोरी की रकम का कुछ हिस्सा आरोपियों ने अपने तीन बैंक खातों में जमा कराया था। पुलिस ने इन खातों को फ्रीज करा दिया है। वारदात में इस्तेमाल पल्सर मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया

दोनों आरोपी मनीष यदु (39 वर्ष), पिता शत्रुघन लाल यदु, निवासी गुरु कृपा किराना स्टोर के पास, सेक्टर-2 डीडी नगर और कमलेश कुशवाहा (36 वर्ष), पिता शिवनाथ कुशवाहा, निवासी भारत माता स्कूल चर्च के पास टाटीबंध के खिलाफ पहले में मामले दर्ज रहे हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी मनीष यदु के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मारपीट और जुआ एक्ट से संबंधित मामले दर्ज रहे हैं। वह इन मामलों में जेल भी जा चुका है। वर्ष 2012 में उसके खिलाफ आजाद चौक थाने में नकदी लूट की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने के मामले में भी कार्रवाई की गई थी। वहीं, दूसरे आरोपी कमलेश कुशवाहा को भी पूर्व में सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मारपीट से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है।

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