RSS New Structure: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस पूरी तरह बदलने वाला है। 40 लाख सदस्य और 83 हजार से ज्यादा शाखाओं वाला संघ अपने स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव करने जा है। इसके मुताबिक संघ की रीढ़ माना जाने वाला प्रांत प्रचारक पद खत्म होगा। अलग-अलग प्रांत प्रचारकों की जगह एक राज्य प्रचारक होगा। साथ ही क्षेत्र प्रचारकों की संख्या भी कम होगी। संघ 100 साल में दूसरी बार इतना बड़ा बदलाव करने जा रहा है। बदलाव का प्रस्ताव हरियाणा में पानीपत के समालखा गांव में 13, 14 और 15 मार्च को होने वाली बैठक में पेश होगा।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बैठक में सभी सुझावों के साथ एक प्रस्ताव बनेगा, जिसे सितंबर 2026 की बैठक में पारित किया जाएगा। फिर जनवरी-फरवरी 2027 तक सभी जगह लागू किया जाएगा। इस पूरी कवायद का सबसे पहला टेस्ट 2027 में यूपी के विधानसभा चुनाव में होगा। यहां संघ जमीन पर माइक्रो मैनेजटमेंट स्ट्रैटजी और स्ट्रक्चर के साथ उतरेगा।

100 साल में दूसरी बार संघ में इतना बड़ा बदलाव होने जा रहा है। पहली बार 1949 में हुआ था, जब संघ ने लिखित संविधान बनाकर सरकार को सौंपा था। उसी वक्त संघ ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को भी स्वीकार किया था। उस वक्त ढांचे और काम करने के तरीकों में भी कई बड़े बदलाव किए गए थे। उसके बाद बड़ा बदलाव ड्रेस में किया गया, लेकिन ढांचे में कुछ खास नहीं बदला गया था। पिछले 4 साल से इसी बदलाव के लिए चर्चा चल रही थी, जो अब ठोस रूप में आ गई है।

संघ की रीढ़ प्रांत प्रचारक व्यवस्था खत्म होगी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अंदर अब तक राज्य कोई इकाई नहीं थी। बड़े राज्य कई प्रांतों में बंटे हैं। इनके प्रांत प्रचारक जमीनी और शीर्ष कार्यकर्ताओं के बीच कड़ी का काम करते थे। अब नए स्ट्रक्चर में प्रांत प्रचारकों की जगह राज्य प्रचारक होंगे। अभी देशभर में करीब 45 प्रांत प्रचारक हैं।

अभी जिला, तहसील, ब्लॉक और गांव स्तर पर संघ कार्यकर्ता तो हैं, लेकिन उन्हें प्रांत स्तर के पदाधिकारियों के भरोसे रहना पड़ता था। अब ये कार्यकर्ता संभाग प्रचारकों के संपर्क में रहेंगे। साथ ही संघ भी इन कार्यकर्ताओं को ज्यादा शक्तियां देगा।

क्षेत्रों की संख्या घटेगी, क्षेत्र प्रचारक कम होंगे

भी देशभर में 11 क्षेत्र हैं। इनमें 11 क्षेत्र प्रचारक हैं। नई व्यवस्था में क्षेत्रों की संख्या घटाकर 9 करने का प्रस्ताव है। लिहाजा क्षेत्र प्रचारकों की संख्या भी घटेगी। अभी ये क्षेत्र है-

1. उत्तर क्षेत्र: दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख

2. पश्चिम क्षेत्र: महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा

3. दक्षिण क्षेत्र: तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना

4. पूर्व क्षेत्र: बंगाल, ओडिशा, बिहार, झारखंड

5. मध्य क्षेत्र: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़

6. उत्तर-पूर्व क्षेत्र: असम, मणिपुर, नगालैंड आदि पूर्वोत्तर राज्य

7. पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र: कानपुर, काशी, गोरक्ष, अवध

8. पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र: मेरठ, ब्रज, उत्तराखंड

9. उत्तर पश्चिम क्षेत्र या उत्तराखंड सहित पश्चिमी यूपी

10. राजस्थान क्षेत्र

11. पश्चिमी या दक्षिणी उप-क्षेत्र

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