Kota News: राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (RTU) में गुरुवार सुबह हॉस्टल में एक छात्र बेहोश मिला, जिसे यूनिवर्सिटी के चिकित्सकों ने अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक छात्र की पहचान जयपुर निवासी अक्षित शर्मा के रूप में हुई है। छात्र की मौत के बाद RTU के विद्यार्थियों ने मुख्य गेट पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों का दावा है कि अक्षित को सांप ने काटा, जबकि यूनिवर्सिटी प्रबंधन का कहना है कि शुरुआती तौर पर मामला कार्डियक अरेस्ट का लग रहा है। मौत की असली वजह पोस्टमार्टम के बाद ही स्पष्ट होगी।

घटना सुबह करीब 9:45 बजे की बताई गई है। कुलगुरु डॉ. निमित्त रंजन चौधरी के मुताबिक, सूचना मिलते ही यूनिवर्सिटी के डॉक्टर को हॉस्टल भेजा गया था। छात्र को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।

छात्रों ने क्यों उठाया स्नेक बाइट का सवाल?

अक्षित की मौत के बाद हॉस्टल में रहने वाले छात्रों ने स्नेक बाइट की आशंका जताई। उनका कहना है कि यूनिवर्सिटी परिसर में कई बार सांप दिखाई देते हैं। छात्रों के मुताबिक, अक्षित का शरीर पीला पड़ गया था। इसी आधार पर उन्होंने सांप के काटने की आशंका जताते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की।

छात्रों ने हॉस्टल और कैंपस की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि परिसर में कई जगह साफ-सफाई की कमी है और हॉस्टल की स्थिति भी ठीक नहीं है।

यूनिवर्सिटी बोली- स्नेक बाइट की संभावना कम

RTU के कुलगुरु डॉ. निमित्त रंजन चौधरी ने कहा कि अक्षित का कमरा हॉस्टल की पहली मंजिल पर था। उनके मुताबिक, मौके पर पहुंचकर स्थिति देखी गई और शुरुआती तौर पर मौत कार्डियक अरेस्ट से होने की आशंका लग रही है।

उन्होंने कहा कि फिलहाल मौत का कारण निश्चित तौर पर नहीं बताया जा सकता। अक्षित के परिजन जयपुर से रवाना हो चुके हैं। उनके पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट होगी।

छात्रों ने हॉस्टल की व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने हॉस्टल की व्यवस्थाओं को लेकर कई आरोप लगाए। छात्र राहुल चौधरी का कहना है कि करोड़ों रुपए का बजट होने के बावजूद हॉस्टल की सुविधाओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

छात्रों का आरोप है कि कैंपस में कई जगह झाड़ियां और जंगल जैसी स्थिति बनी हुई है। उनका कहना है कि ऐसे माहौल में सांप आने का खतरा बना रहता है। छात्रों ने हॉस्टल की इमारतों और डिस्पेंसरी की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।

छात्रों का आरोप- डिस्पेंसरी में दवाएं तक नहीं

स्टूडेंट पारस शर्मा ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी की डिस्पेंसरी में सामान्य दवाएं और इंजेक्शन लगाने के लिए जरूरी सिरिंज तक उपलब्ध नहीं रहती। छात्रों के मुताबिक, डिस्पेंसरी में जाने पर बजट की कमी की बात कही जाती है।

उन्होंने हॉस्टल के टॉयलेट और कैंपस में रोशनी की व्यवस्था पर भी सवाल उठाया। आरोप है कि कई जगह सुबह के समय अंधेरा रहता है। छात्रों का कहना है कि लाइट लगने के कुछ समय बाद ही खराब हो जाती है।

अक्षित रात 1 बजे हॉस्टल पहुंचा था

छात्रों के मुताबिक, अक्षित शर्मा बुधवार को ब्लड डोनेशन कैंप में शामिल हुआ था। इसके अलावा वह एक कल्चरल एक्टिविटी में भी शामिल रहा। कार्यक्रम के चलते वह रात करीब 1 बजे अपने कमरे में पहुंचा था।

कमरे में मौजूद दूसरा छात्र उस समय सो रहा था। सुबह वह अक्षित को जगाए बिना क्लास के लिए चला गया। बाद में अन्य छात्रों ने अक्षित को जगाने की कोशिश की, तब उसके बेहोश होने की जानकारी सामने आई।

एंबुलेंस पहुंचने के बाद अस्पताल ले जाया गया

घटना की सूचना मिलने पर यूनिवर्सिटी के चिकित्सक मौके पर पहुंचे। इसके बाद एंबुलेंस की मदद से अक्षित को अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

छात्रों ने इस घटना के बाद यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने भी प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों से बातचीत की। छात्र मौत की जांच के साथ हॉस्टल और कैंपस की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग कर रहे हैं।

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