पटना। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्रामीण विकास विभाग के कार्यपालक अभियंता चंद्रशेखर सिंह के विभिन्न ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू कर दी है। अधिकारी पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप है, जिसके तहत पटना, छपरा, कटिहार और पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित परिसरों को खंगाला जा रहा है। जांच एजेंसी को शुरुआती कार्रवाई के दौरान नकदी और कई अहम दस्तावेज हाथ लगे हैं।
पटना के रूपसपुर स्थित अपार्टमेंट में दबिश
निगरानी ब्यूरो की एक टीम दोपहर करीब 12:30 बजे पटना के रूपसपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत लोहिया पथ स्थित सरयुग वामिका अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 103 में पहुंची। हालांकि, जिस समय टीम ने इस फ्लैट पर छापा मारा, उस वक्त कार्यपालक अभियंता चंद्रशेखर सिंह अपने घर पर मौजूद नहीं थे। तलाशी के दौरान इस ठिकाने से टीम को तीन लाख बीस हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं। अधिकारी की गैर-मौजूदगी के बावजूद फ्लैट के अंदर छानबीन और कागजातों की जांच का सिलसिला लगातार जारी है।
पैतृक आवास और अन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई
मुख्य रूप से छपरा जिले में तैनात कार्यपालक अभियंता के छपरा, कटिहार और पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित ठिकानों पर भी एक साथ छापेमारी की जा रही है। कटिहार के सहायक थाना क्षेत्र के लोहिया नगर में निगरानी डीएसपी के नेतृत्व में दो गाड़ियों से पहुंची टीम ने उनके आलीशान पैतृक आवास को घेरकर जांच शुरू की। इस दौरान स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया और सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है।
आधिकारिक बयान और जांच का दायरा
फिलहाल निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की पूरी टीम आय से अधिक संपत्ति के सभी पहलुओं और बेनामी संपत्तियों के एंगल से दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है। अब तक की कार्रवाई में कितनी चल-अचल संपत्ति का खुलासा हुआ है, इस संबंध में कोई भी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि छापेमारी की प्रक्रिया पूरी होने और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही संपत्ति के सटीक आंकड़े और पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

