रूस के विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला पर अमेरिका की सैन्य कार्रवाई को खुली ‘सशस्त्र आक्रामकता’ करार देते हुए कड़ी निंदा की है. जारी विस्तृत बयान में रूस ने कहा कि अमेरिका ने शनिवार सुबह वेनेजुएला के खिलाफ सैन्य हमला किया, जो गंभीर चिंता का विषय है और जिसकी निंदा जरूरी है. रूस ने साफ कहा कि इस कार्रवाई को सही ठहराने के लिए जो तर्क दिए जा रहे हैं, वे पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और व्यावहारिक कूटनीति की जगह वैचारिक दुश्मनी ने ले ली है. रूस ने मामले में तत्काल चर्चा के लिए UNSC की बैठक बुलाने की मांग कर दी है.
रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा हालात में सबसे अहम बात यह है कि आगे किसी भी तरह के तनाव को रोका जाए और बातचीत के जरिए समाधान तलाशा जाए. बयान में जोर दिया गया कि जिन पक्षों के बीच भी मतभेद हैं, उन्हें संवाद आधारित तंत्र के जरिए ही हल किया जाना चाहिए और रूस ऐसे प्रयासों में सहयोग के लिए तैयार है.
रूस ने यह भी दोहराया कि लैटिन अमेरिका को 2014 में घोषित अपने लक्ष्य के अनुसार शांति का क्षेत्र बने रहना चाहिए. बयान में कहा गया कि वेनेजुएला को अपने भविष्य का फैसला खुद करने का पूरा अधिकार है और उस पर किसी भी तरह का बाहरी, खासकर सैन्य हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं है.
रूस ने वेनेजुएला की जनता के साथ एकजुटता जताते हुए उसकी बोलिवेरियन सरकार की नीतियों का समर्थन किया और कहा कि यह नेतृत्व देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए काम कर रहा है. साथ ही रूस ने वेनेजुएला और कई लैटिन अमेरिकी देशों की उस मांग का समर्थन किया, जिसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की तत्काल बैठक बुलाने की अपील की गई है. रूसी विदेश मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी कि कराकस स्थित रूसी दूतावास सामान्य रूप से काम कर रहा है और वेनेजुएला प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है. फिलहाल किसी भी रूसी नागरिक के घायल होने की कोई सूचना नहीं है.
अमेरिकी मंत्री का दावा- कार्रवाई का मकसद अमेरिकी कर्मियों की सुरक्षा
अमेरिका के एक वरिष्ठ नेता ने कहा है कि उन्होंने विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बात की है, जिन्होंने जानकारी दी कि निकोलस मादुरो को अमेरिकी कर्मियों ने गिरफ्तार किया है और उन्हें आपराधिक मामलों में मुकदमे के लिए अमेरिका ले जाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि रात में जो सैन्य कार्रवाई दिखी, वह गिरफ्तारी वारंट को अंजाम देने वालों की सुरक्षा के लिए की गई. इस कार्रवाई को अमेरिकी संविधान के अनुच्छेद 2 के तहत राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में बताया गया है.
मादुरो जिंदा हैं इसका सबूत दो- वेनेजुएला के उपराष्ट्रपति
वेनेजुएला पर हमला: वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रीगेज़ ने सरकारी टीवी चैनल पर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की मौजूदा लोकेशन को लेकर सरकार के पास कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सीधे तौर पर मादुरो के जीवित होने का प्रमाण यानी ‘प्रूफ ऑफ लाइफ’ देने की मांग की है. डेल्सी रोड्रीगेज़ ने कहा कि अमेरिका की ओर से गिरफ्तारी के दावों के बाद देश और दुनिया के सामने कई सवाल खड़े हो गए हैं और इनका जवाब मिलना जरूरी है.
वेनेजुएला के रक्षामंत्री बोले- सरेंडर नहीं करेंगे
वेनेजुएला के रक्षा मंत्री के जीवित होने और बयान जारी करने की पुष्टि हुई है. इससे पहले खबरें आई थीं कि बमबारी में उनके आवास को निशाना बनाया गया है. रक्षा मंत्री ने अपने बयान में कहा, ‘हम न बातचीत करेंगे, न आत्मसमर्पण करेंगे और अंत में जीत हमारी होगी.’ वहीं, इस बीच CBS News ने दावा किया है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी सेना की एलीट स्पेशल ऑपरेशंस यूनिट डेल्टा फोर्स ने हिरासत में लिया है. हालांकि वेनेजुएला सरकार की ओर से मादुरो की गिरफ्तारी को लेकर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं आई है.
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