Sade Sati and Dhaiya Effects: अभी साल की शुरुआत हुई है, लेकिन शनिदेव का प्रभाव पूरे साल कुछ लोगों को परेशान कर सकता है. वर्तमान गोचर की बात करें तो शनिदेव 29 मार्च 2025 से मीन राशि में स्थित हैं. यहां वे वक्री और मार्गी दोनों अवस्था में रहेंगे. ऐसे में जरूरी है कि साल की शुरुआत से ही शनि गोचर को समझकर सही सावधानियां बरती जाएं. पूरे साल मीन राशि में शनि के गोचर के कारण मेष, कुंभ और मीन राशि पर साढ़ेसाती का असर रहेगा, जबकि सिंह और धनु राशि पर ढैय्या का प्रभाव होगा. इस दौरान सेहत और धन से जुड़े फैसलों में लापरवाही भारी पड़ सकती है. ऐसे में सही उपाय अपनाना इन राशि वालों के लिए बेहद जरूरी है.
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शनि पीड़ा से बचाव के सरल उपाय
हनुमान चालीसा का पाठ: शनि के अशुभ प्रभाव को हनुमान जी दूर कर सकते हैं. इसलिए कहा जाता है कि हनुमान भक्त को शनिदेव भी परेशान नहीं करते. रोज हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ माना जाता है. अगर कोई व्यक्ति सुबह या शाम श्रद्धा के साथ हनुमान चालीसा पढ़ता है, तो उसे मानसिक शांति मिलती है और आत्मविश्वास बढ़ता है.
हनुमान नाम का जप: मंगलवार और शनिवार हनुमान जी की पूजा के विशेष दिन होते हैं. इन दिनों बजरंगबली के मंदिर में पूजा करें और सरसों के तेल का दीपक या तिल और घी का दीपक जलाएं. साथ ही ‘हनुमते नमः’ मंत्र का 11 बार श्रद्धा से जाप करें. इससे हनुमान जी की कृपा मिलती है और शनि के बुरे प्रभाव से रक्षा होती है.
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दान का महत्व: शनि प्रकोप से बचने का सबसे आसान उपाय दान है. जरूरतमंदों को दान देने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं. काले कपड़े, काली दाल, तिल या लोहे का दान करने से शनि दोष कम होता है. दान से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है और अच्छे परिणाम भी प्राप्त होते हैं.
छल-कपट से रहें दूर: जब राशि में साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव हो, तो व्यक्ति को खास तौर पर सच्चाई के रास्ते पर चलना चाहिए. झूठ, गलत व्यवहार, घमंड और गुस्से से बचना जरूरी है. छल-कपट से दूर रहें, क्योंकि शनिदेव को कर्म और न्याय का देवता माना जाता है. शनिवार के दिन किसी के साथ बुरा व्यवहार करने या गुस्से से काम लेने से विशेष रूप से बचना चाहिए.
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