इमरान खान, खंडवा। पार्श्व गायिका, स्वर कोकिला लता मंगेशकर के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में शामिल होने बॉलीवुड की मशहूर पार्श्व गायिका साधना सरगम खंडवा पहुंचीं। कार्यक्रम में शिरकत करने से पहले साधना सरगम महान गायक किशोर कुमार की समाधि स्थल पर गईं और भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने कहा कि किशोर दा की नगरी में आकर यदि उनका आशीर्वाद न लिया जाए तो यात्रा अधूरी सी लगती है।

ये भी पढ़ें: फिल्म अभिनेता गोविंदा पहुंचे उज्जैन: महाकाल मंदिर पहुंचकर किए बाबा के दर्शन, प्रार्थना कर वैदिक मंत्रों का किया जाप

समाधि स्थल पर गुनगुनाए नगमे, कहा- -किशोर दा को मिले भारत रत्न’

समाधि स्थल पर श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद साधना सरगम ने किशोर कुमार के साथ फिल्म काश में गाए अपने प्रसिद्ध गीत ‘फूल ये कहां से आए हैं बोलो…’ की पंक्तियां गुनगुनाईं। इसके साथ ही उन्होंने अपने ऑल-टाइम हिट सॉन्ग ‘पहला नशा…’ और ‘ओ साथी रे, तेरे बिना भी क्या जीना…’ के सुर छेड़े। मीडिया से चर्चा करते हुए साधना सरगम ने कहा कि किशोर कुमार भारत के वास्तविक रत्न हैं और उन्हें देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ मिलना ही चाहिए। उन्होंने किशोर दा के पैतृक घर को एक भव्य स्मारक के रूप में विकसित किए जाने की भी मांग की।

‘पहले गीतों के बोल दिल में उतरते थे, अब एक शब्द याद रहना मुश्किल’

बातचीत के दौरान साधना सरगम ने आज के दौर के संगीत और गानों के गिरते स्तर पर भी अपनी बेबाक राय रखी। उन्होंने पुराने और नए गानों की तुलना करते हुए कहा कि पहले के दौर में गीतों के लिरिक्स इतने खूबसूरत और अर्थपूर्ण होते थे कि वे लोगों के दिलों में बस जाते थे और बरसों तक याद रहते थे। लेकिन आजकल के गानों का आलम यह है कि अगर किसी गाने का एक शब्द भी लोगों को याद रह जाए, तो इसे बड़ी बात माना जाता है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m