शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने न्यायपालिका और भारत के मुख्य न्यायाधीश को लेकर की गई टिप्पणियों पर सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी है. राउत ने अपने हलफनामे में कहा है कि वह बिना शर्त, पूरी तरह और अपनी इच्छा से माफी मांग रहे हैं. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी अवमानना नोटिस के बाद संजय राउत ने शीर्ष कोर्ट से माफी मांगी है.
संजय राउत ने CJI सूर्यकांत पर टिप्पणी मामले में बिना शर्त माफी मांगी है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अवमानना कार्यवाही के बाद हलफनामा दाखिल किया है.
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत पर टिप्पणी के मामले में शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने बिना शर्त लिखित माफी मांगी है. हालांकि, 28 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान उनका कोई वकील पेश नहीं हुआ. सुप्रीम कोर्ट ने राउत को 17 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है. उसी दिन अदालत उनकी माफी पर विचार कर आगे का फैसला करेगी.
संजय राउत ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में कहा कि वह न्यायपालिका की गरिमा, स्वतंत्रता और अधिकार बनाए रखने के महत्व को पूरी तरह समझते हैं. उन्होंने कहा कि उनका किसी भी स्तर पर अदालत का अनादर करने या न्यायपालिका की प्रतिष्ठा को कम करने का कोई इरादा नहीं था.
शीर्ष अदालत ने 16 अक्टूबर को इस मामले में संजय राउत और पत्रकार निखिल वागले को कारण बताओ नोटिस जारी किए थे. सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से मामले में अवमानना याचिका दायर की गई है. इसमें आरोप है कि राउत और वागले के ‘एक्स’ पर किये गए पोस्ट से पता चलता है कि उन्हें देश की शीर्ष अदालत के प्रति कोई सम्मान नहीं है.
दरअसल, संजय राउत ने सोशल मीडिया पर अल्बानिया में हुए हिंसक प्रदर्शनों का एक वीडियो शेयर किया था. साथ ही उन्होंने लिखा था कि वहां की जनता ने भ्रष्ट प्रधानमंत्रियों की मदद करने के आरोप में सुप्रीम कोर्ट को आग के हवाले कर दिया और सरकारी इमारतों पर हमले किए.
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

